मनमीत गुप्ता, अयोध्या
AYODHYA DEEPOTSAV 2026 MEGA RECORD: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में ‘दीपोत्सव 2026’ इस बार परंपरा, आधुनिक तकनीक और वैश्विक भागीदारी के अद्भुत संगम के रूप में मनाया जाएगा. प्रदेश सरकार इस बार अपने ही पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए सरयू तट के 55 से अधिक घाटों पर करीब 30 लाख दीप प्रज्वलित कर एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने जा रही है. इसके साथ ही अयोध्या के आकाश में 2,100 ड्रोनों का भव्य लेजर व लाइट शो मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा.
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात के साथ दीपोत्सव की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया.
2,100 ड्रोन शो, पुष्पक विमान और धर्मपथ पर रामायण द्वार
आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 2,100 ड्रोन शो को दीपोत्सव के दिन के साथ-साथ दो दिन बाद होने वाले ‘जमघट’ के अवसर पर भी आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है.
पुष्पक विमान इंस्टॉलेशन: सरयू नदी की धारा में पुष्पक विमान का एक भव्य व स्थायी कलात्मक इंस्टॉलेशन लगाया जाएगा.
रामायण प्रवेश द्वार: धर्मपथ पर रामायण प्रसंगों पर आधारित 10 भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जबकि सुल्तानपुर और रायबरेली रोड समेत अयोध्या प्रवेश के मुख्य मार्गों पर 3 अन्य रामायण द्वारों का निर्माण होगा.
सड़क किनारे इंस्टॉलेशन: रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित दृश्य सड़क किनारे सजाए जाएंगे, जिन पर बच्चों और युवाओं की सुविधा के लिए एक-एक पंक्ति में सरल व्याख्या लिखी होगी.

इस बार 2,100 बटुकों की महाआरती और AI से भीड़ प्रबंधन
दीपोत्सव के दिन सुबह 4 बजे से पूरी अयोध्या में भजनों का प्रसारण शुरू हो जाएगा. शाम को सरयू तट पर 2,100 से अधिक वेदपाठी बटुक सामूहिक महाआरती संपन्न कराएंगे. इसके अलावा अयोध्या के 240 से अधिक प्रमुख मठ-मंदिरों में विशेष दीप प्रज्ज्वलन होगा तथा 25 प्रमुख चौराहों को सजाया जाएगा. दीप प्रज्ज्वलन और वालंटियर्स के समन्वय के साथ-साथ लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्यूआर कोड तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.
साकेत कॉलेज से रामकथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देश-विदेश की रामलीला मंडलियां और पारंपरिक लोकनर्तक शामिल होंगे. 30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों और विदेशी पर्यटन मंत्रियों को भी इस ऐतिहासिक उत्सव का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. समीक्षा बैठक में 5,452.79 करोड़ रुपये की कुल 284 विकास परियोजनाओं (लोकार्पण व शिलान्यास) के कार्यों की प्रगति का जायजा भी लिया गया.

पिछले 5 वर्षों में अयोध्या दीपोत्सव: रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड का सफर
सीएम योगी के नेतृत्व में 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव का यह सफर हर साल नए कीर्तिमान गढ़ता गया है. पिछले 5 वर्षों में इस प्रकार जले दीपक:
वर्ष / संख्या / उपलब्धि का विवरण
2021 9,41,551 दीये – राम की पैड़ी पर पहला बड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड
2022 15,76,000 दीये – 15 लाख का ऐतिहासिक आंकड़ा पार हुआ
2023 22,23,676 दीये – 22 लाख से अधिक दीयों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
2024 25,12,585 दीये – रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद 25 लाख+ दीये
2025 26,17,215 दीये – 26.17 लाख दीपकों के साथ बना मौजूदा विश्व रिकॉर्ड
2026 (प्रस्तावित) 30,00,000 – दीये पिछले सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा
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