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दुश्मनी खत्म, दोस्ती शुरू! प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट पहुंचे ट्रंप, अमेरिका-चीन रिश्तों में क्यों बढ़ रही नजदीकी?

Trump Xi Jinping Meeting: शी जिनपिंग तीन दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंचे, ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर स्वागत किया. जानिए अमेरिका-चीन की नजदीकी से भारत पर क्या असर पड़ेगा और व्यापार व रूस से तेल पर क्या होगा?

Why are US-China relations growing closer?

अमेरिका-चीन रिश्तों में क्यों बढ़ रही नजदीकी?

Trump Xi Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वॉशिंगटन डीसी में स्वागत किया. शी जिनपिंग तीन दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होगी.

व्यापार समझौते पर बनी सहमति

शी जिनपिंग बुधवार को वॉशिंगटन डीसी के बाहर स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरबेस पर पहुंचे. एयरपोर्ट पर खुद ट्रंप उन्हें रिसीव करने पहुंचे, जिसे प्रोटोकॉल टूटने के तौर पर देखा जा रहा है. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने बताया कि अमेरिका और चीन ने करीब 11 महीने पुराने व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है. इस समझौते से दोनों देशों को भारी टैरिफ से राहत मिली थी.

भारत के लिए क्यों अहम है ये दौरा?

अमेरिका और चीन के बीच अगर तनाव कम होता है तो इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ेगा. इसका सबसे बड़ा असर व्यापार और सप्लाई चेन पर देखने को मिल सकता है.

सप्लाई चेन पर पड़ेगा असर

अगर दोनों देश टैरिफ कम करते हैं तो अमेरिका और चीन के बीच व्यापार बढ़ेगा और दुनिया की कंपनियों की सप्लाई चेन में बड़ा बदलाव आ सकता है. इसका असर भारतीय बाजार पर भी होगा.

रूस से तेल खरीदने पर बढ़ेगी नजर

रूस से तेल खरीदना भी एक बड़ा मुद्दा है. अमेरिका, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दे रहा है. चीन रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है और भारत भी रूसी तेल लेता है. ऐसे में ट्रंप और जिनपिंग की बातचीत के बाद रूस पर अमेरिकी दबाव कम होता है या बढ़ता है, इसका असर भारत पर भी पड़ेगा.

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AI और चिप्स की जंग में भारत कहां?

AI और चिप्स का मुद्दा भी भारत के लिए बेहद जरूरी है. अमेरिका और चीन के बीच तकनीक को लेकर चल रही होड़ में अगर नियम बदलते हैं तो AI चिप्स, सेमीकंडक्टर और दूसरी तकनीकों की ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ सकता है. भारत दोनों देशों के साथ कारोबार करता है, इसलिए इसका असर भारतीय कंपनियों पर भी पड़ेगा.

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-भारत एक्सप्रेस

(यह खबर सान्या सिंह द्वारा लिखी गई है.)



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