(PC: भारत एक्सप्रेस)
Delhi Naraina Murder Case: उत्तराखंड के अल्मोड़ा से अपने परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर दिल्ली आए 30 वर्षीय आनंद राम की महज 1000 रुपये के टैक्सी किराए के विवाद में बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोपी टैक्सी चालक ने पैसों के विवाद में उसे ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर मार डाला और शव को नग्न हालत में सड़क किनारे फेंक दिया. लगभग दो हफ्ते तक अज्ञात रहे इस शव की पहचान आखिरकार उसके हाथ पर बने एक खास टैटू से हो सकी.
दिल्ली में 1000 रुपये के मामूली किराए के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. रोजगार की तलाश में दिल्ली आए आनंद राम की हत्या के आरोप में पुलिस ने टैक्सी चालक राजेंद्र, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया है. पति की मौत के बाद बेसहारा हुई पत्नी रेणु अपने दो छोटे बच्चों के साथ वापस अल्मोड़ा लौट गई हैं.
नारायणा चौक पर मिला नग्न शव और मिला इकलौता सुराग
17 अगस्त 2026 की सुबह दिल्ली पुलिस को नारायणा चौक के पास एक अज्ञात युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक के सिर पर गहरे घाव मिले और पास ही खून से सने ईंट व गमले के टुकड़े बरामद हुए. तलाशी के दौरान मृतक के पास से कोई पहचान पत्र या मोबाइल नहीं मिला. जांच के दौरान पुलिस को उसके बाएं हाथ पर तीर के निशान वाला दिल के आकार का एक टैटू मिला, जिस पर ‘ANAND’ और ‘RENU’ लिखा हुआ था. यही टैटू इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का अकेला जरिया बना.
500 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने इलाके के लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसमें तड़के 1:30 बजे एक संदिग्ध मारुति इको वैन घूमती दिखाई दी. गाड़ी के नंबर (DL-8CU-7367) के आधार पर पुलिस आरोपी चालक 59 वर्षीय राजेंद्र कुमार तक पहुंच गई. पूछताछ में राजेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने किराए के विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया था.
1000 रुपये के विवाद में गई जान
घटना वाली रात यानी 16 अगस्त को गुरुग्राम के इफ्को चौक से आनंद और उसका साथी सोनू, राजेंद्र की टैक्सी में सवार हुए थे. आनंद को छतरपुर जाना था, लेकिन पैसों की कमी के कारण उनके बीच विवाद हो गया. गुस्साए ड्राइवर राजेंद्र ने गाड़ी नारायणा चौक के पास रोक दी और 1500 रुपये की मांग करने लगा. पैसे न होने पर आरोपी ने ईंट-पत्थरों से हमला कर आनंद की हत्या कर दी. इसके बाद साक्ष्य छिपाने के लिए उसने अपनी पत्नी कामिनी और बेटे लक्ष्य को बुलाकर शव से कपड़े उतार दिए और उसे वहीं फेंककर फरार हो गए.
14 दिन बाद टैटू ने खोला पहचान का राज
हत्याकांड के तीनों आरोपियों को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी. पुलिस ने पोस्टर छपवाए और आसपास के राज्यों में फोटो भिजवाई. आखिरकार 1 सितंबर को गुरुग्राम के सेक्टर-29 थाने से आई एक लापता शिकायत के बाद मृतक की पहचान अल्मोड़ा के रहने वाले आनंद राम के रूप में हुई. हाथ पर लिखा ‘RENU’ नाम उसकी पत्नी का था.
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-भारत एक्सप्रेस
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