लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026: पसमांदा समुदाय के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक चुनौतियों पर गंभीर विमर्श और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से मंगलवार को सहकारिता भवन, लखनऊ में “पसमांदा संवाद: हालात, समस्या और समाधान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर ने कहा कि वे इस महत्वपूर्ण संवाद का हिस्सा बनकर स्वयं को सम्मानित अनुभव कर रहे हैं। यह मंच पसमांदा समुदाय की वास्तविक समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में ठोस क़दम उठाने के लिए एक सार्थक पहल साबित हुआ।
शिक्षा और समान अवसरों पर केंद्रित संवाद
कार्यक्रम में प्रो. अख़्तर ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा करना आयोग का मुख्य दायित्व है। उन्होंने कहा कि पसमांदा समुदाय की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे प्रभावी माध्यम है और इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता
इस अवसर पर प्रो. अख़्तर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य श्री प्रियंक क़ानूनगो, उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री दानिश आज़ाद अंसारी, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री गुरु प्रकाश पासवान, श्री इदरीश मुल्तानी, अखिल भारतीय पसमांदा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जावेद मलिक सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों के साथ मंच साझा करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम सफ़ल रहा और समुदाय के सर्वांगीण विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और अधिक मज़बूत हुई है।
समावेशी विकास की दिशा में ठोस क़दम
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने पसमांदा समुदाय की शिक्षा, सामाजिक गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। श्री दानिश आज़ाद अंसारी ने सरकार की ओर से समुदाय के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पसमांदा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री प्रियंक कानूनगो ने मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से समुदाय की समस्याओं पर प्रकाश डाला। श्री गुरु प्रकाश पासवान ने शिक्षा और सामाजिक समरसता के महत्व पर बल दिया।
सामूहिक संकल्प की पुनरावृत्ति
प्रो. शाहिद अख़्तर ने कहा कि इस संवाद ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा, गरिमा, समान अवसर और सशक्तिकरण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस तरह के संवाद समुदाय की वास्तविक प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय एकता और समावेशी विकास के संकल्प के साथ हुआ।
— भारत एक्सप्रेस
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