Money Laundering: ओडिशा पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाला मामले में ईडी ने बड़ा खुलासा किया है. ईडी ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 10 जगहों पर छापेमारी की है. जांच में कई नई कंपनियों और संस्थाओं की भूमिका से जुड़े अहम सुराग मिला है. अभी तक ये कंपनियां जांच एजेंसी के जांच से बाहर थी. ईडी ने मामले में मुख्य आरोपी शंकर पुरष्टी के घर भी छापेमारी की है.
मामले की जांच सीबीआई कर रही
ईडी जांच में खुलासा हुआ है कि सिलिकॉन तेचलब प्राइवेट लिमिटेड ने परीक्षा कराने की पूरी व्यवस्था को लेकर किसी दूसरी संस्था के साथ कथित तौर पर एक समझौता किया था. एजेंसी इस समझौते की जांच कर रही है. जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी आगे दूसरी संस्था को सौंपने की व्यवस्था के जरिए पूरे मामले की वास्तविक व्यवस्था को छीपाने की कोशिश की गई.
इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. सीबीआई की जांच में जब यह बात सामने आई कि इस मामले में कई करोड़ रुपए का लेन देन हुआ है, तब जाकर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज कर अवैध पैसे की लेनदेन की जांच शुरू की.
भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही लेनदेन होने की जानकारी मिली
जांच में आरोपी शंकर पुरष्टी की कंपनी पंचसॉफ्ट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और सिलिकॉन तेचलब प्राइवेट लिमिटेड के बीच OPSE 2024 सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही लेनदेन होने की जानकारी मिली है. ईडी इन लेनदेन की प्रकृति और भर्ती परीक्षा से इनके संबंधों की जांच कर रही है.
बता दें कि यह परीक्षा पांच और छह अक्टूबर 2025 को आयोजित होनी थी. जांच में पता चला है कि अभ्यर्थियों को कथित तौर पर 15 लाख और 30 लाख रुपए तक की रकम के बदले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का वादा किया गया था. सूत्रों के मुताबिक परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्थाओं से जुड़े लोगों ने प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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