SCO में राजनाथ का पाकिस्तान पर प्रहार
SCO Meeting: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्षों की परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. इस अहम मंच पर उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा. बैठक के दौरान पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार भी मौजूद थे.
आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद किसी भी देश और समाज के विकास के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी गतिविधियां सिर्फ जान-माल का नुकसान ही नहीं करतीं, बल्कि निवेश, व्यापार और आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित करती हैं. इसके अलावा कट्टरता का माहौल बनता है, जिससे युवाओं के भविष्य पर भी बुरा असर पड़ता है.
आतंक के समर्थकों को भी घेरा
रक्षामंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक केवल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन लोगों और संगठनों पर भी सख्ती जरूरी है जो उन्हें धन, समर्थन या सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है.
वैश्विक चुनौतियों पर जताई चिंता
राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में मौजूदा वैश्विक आर्थिक हालात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना कर रही है. विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही हैं. साथ ही ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दे भी कई देशों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं.
SCO देशों से मिलकर काम करने की अपील
रक्षामंत्री ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में SCO सदस्य देशों को आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर व्यापारिक संबंध, निवेश को बढ़ावा देने और तकनीक आधारित विकास को प्राथमिकता देने की बात कही. उनके अनुसार संगठन की सफलता इसी बात से तय होगी कि सदस्य देश साझा हितों पर कितना प्रभावी ढंग से मिलकर काम करते हैं.
भारत साझा करेगा अपने अनुभव
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला नेतृत्व आधारित विकास मॉडल और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अपने अनुभव अन्य SCO देशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है. उनका कहना था कि देशों की वास्तविक सफलता युवाओं के लिए पैदा किए गए अवसरों, नए बाजारों के विस्तार और लोगों के बीच मजबूत संबंधों से मापी जानी चाहिए.
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पिछली बैठक मॉस्को में हुई थी
गौरतलब है कि शासनाध्यक्षों की परिषद की पिछली बैठक नवंबर 2025 में रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित हुई थी. उस दौरान भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिस्सा लिया था. इस बार दुशांबे में आयोजित बैठक में राजनाथ सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आतंकवाद और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर देश का स्पष्ट रुख दुनिया के सामने रखा.
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-भारत एक्सप्रेस
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