यमन के युद्धग्रस्त इलाके में हूती विद्रोहियों और सैन्य वाहनों का दृश्य, PC-@Chatgpt
Pakistan in Saudi Arabia: दुनिया के सामने खुद को इस्लामिक देशों का सुरक्षा कवच बताने वाले कंगाल पाकिस्तान की पोल एक बार फिर मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र में बुरी तरह खुल गई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में बड़े-बड़े दावे किए थे कि उनका देश सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और मक्का-मदीना के पवित्र स्थलों की रक्षा के लिए ‘हर जरूरी मदद’ दे रहा है.
लेकिन पाकिस्तान के इन खोखले दावों की हवा तब निकल गई, जब यमन में हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित सेना पर ऐसा कहर बरपाया कि 53 यमनी सैनिक पलभर में मौत के घाट उतार दिए गए.
यमन का खौफनाक सच
हाल ही में अरबी अखबार ‘इंडिपेंडेंट अरबिया’ को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने छाती पीटते हुए कहा था कि सऊदी अरब की सुरक्षा पाकिस्तान के लिए ‘सर्वोच्च’ है और इसके लिए हरसंभव मदद दी जा रही है. लेकिन इस जुबानी जमा-खर्च का जमीन पर जीरो असर देखने को मिल रहा है. सोमवार को यमन के शबवा इलाके में हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित सरकारी सेना के एक मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर भीषण हमला बोल दिया.
इस ताबड़तोड़ हमले में 53 सैनिकों की दर्दनाक मौत हो गई, और पाकिस्तान अपनी शेखी बघारने के सिवा कुछ नहीं कर पाया.
क्या सऊदी को चूना लगा रहा है PAK?
एक तरफ पाकिस्तानी जनरल यह रट लगा रहे हैं कि उनका गठबंधन पूरी तरह ‘रक्षात्मक’ है और वे हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं, वहीं दूसरी तरफ हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक पर मिसाइलें बरसा रहे हैं. सवाल यह उठ रहा है कि जिस पाकिस्तानी सेना के बलबूते सऊदी अरब अपनी सुरक्षा का दम भरता है, उसकी मौजूदगी में हूतियों द्वारा लगातार सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद किया जाना क्या इस बात का सबूत नहीं है कि पाकिस्तान सिर्फ रियाद के पैसों पर पलने के लिए झूठे दावे कर रहा है?
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ईरान से नरमी और खोखली धमकियां
जब पाकिस्तानी प्रवक्ता से यह पूछा गया कि क्या इस्लामाबाद ने हूतियों के पीछे खड़े ईरान को कोई चेतावनी दी है, तो उनका जवाब गोलमोल था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी पक्षों (यानी ईरान सहित) से बातचीत कर रहा है. जानकारों का कहना है कि भीख के कटोरे पर चल रहे पाकिस्तान में इतनी औकात ही नहीं है कि वह ईरान या हूतियों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठा सके.
पाकिस्तान की फौज सऊदी अरब को सुरक्षा के नाम पर सिर्फ झांसा दे रही है, जबकि हूती विद्रोहियों के आगे उसकी सारी डींगें धरी की धरी रह गई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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