प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय विज्ञान, युवाओं के अनुसंधान और मानवता की नई मिसालों पर गर्व जताया. पीएम मोदी ने खासतौर पर बताया कि कैसे हमारे युवा वैज्ञानिक आज ऐसे अनूठे विषयों पर रिसर्च कर रहे हैं, जो आने वाले समय में पूरी दुनिया के स्वास्थ्य और मेडिकल साइंस की दिशा बदलने का मादा रखते हैं.
IIT मद्रास का ‘ब्रेन सेंटर’
प्रधानमंत्री ने अपने चेन्नई दौरे का जिक्र करते हुए आईआईटी मद्रास में स्थापित ‘सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर’ की ऐतिहासिक सफलता के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि इस सेंटर ने एक ऐसा एडवांस ब्रेन इमेजिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो दुनिया में अपनी तरह का पहला मिशन है. इसके जरिए मानव दिमाग की हाई-रिजॉल्यूशन वाली डिजिटल 3D तस्वीरें बनाई जा रही हैं.
इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद परम शक्ति सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल करके 100 मानव दिमागों की सूक्ष्म 3D मैपिंग करना है. पीएम मोदी ने कहा कि आज भी अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी कई मानसिक बीमारियों का सटीक इलाज ढूंढना विज्ञान के लिए चुनौती बना हुआ है. ऐसे में यह रिसर्च भविष्य में नई खोजों के रास्ते खोलेगी. सबसे खास बात यह है कि 100 मस्तिष्कों से जुड़ा यह डेटा पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए ‘ओपन सोर्स’ के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा.
अंगदान से मिला नया जीवन
ब्रेन रिसर्च में अंगदान के महत्व को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की रहने वाली शिवानी की एक भावुक कहानी साझा की. एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुई शिवानी के परिवार ने बेहद कठिन घड़ी में भी हिम्मत दिखाते हुए अंगदान का प्रेरणादायक फैसला लिया. पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय में लिया गया यह छोटा सा कदम न केवल किसी दूसरे परिवार की खुशियां लौटाता है, बल्कि मेडिकल साइंस और वैज्ञानिक शोध के कार्यों में भी मील का पत्थर साबित होता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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