गाजियाबाद (25 अक्टूबर 2026): दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों को समर्पित और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन एवं हिंदवी स्वराज्य की गौरवगाथा पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के चौथे दिन गाजियाबाद स्थित सनसिटी (NH-24) में दर्शकों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस सात दिवसीय भव्य सांस्कृतिक व ऐतिहासिक आयोजन का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है. 22 अक्टूबर से प्रारंभ हुआ यह महानाट्य आगामी 28 अक्टूबर तक निरंतर मंचित किया जाएगा. रविवार को जैसे ही गगनभेदी उद्घोष ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ गूंजा, पूरा सनसिटी परिसर असीम ऊर्जा और उत्साह से भर गया.
महामंचन के चौथे दिन तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल, पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण, श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज, सिद्धिविनायक मंदिर (मुंबई) के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी और मंगलम ट्रस्ट (देवघर) के आचार्य प्रदीप भैया सहित कई राष्ट्रीय विभूतियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम को नमन किया.
‘गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मठ से जुड़ा है हिंदवी स्वराज्य का संकल्प’: डॉ. आशीष गौतम
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम (भैया जी) ने गाजियाबाद में आयोजन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, उत्तराखंड और हरियाणा से उमड़ी अपार भीड़ यह दर्शाती है कि समाज की रगों में आज भी छत्रपति शिवाजी महाराज के संस्कार प्रवाहित हो रहे हैं.
उन्होंने बताया:
“साल 1666 में मुगल शासक औरंगजेब की कैद (आगरा) से युक्तिपूर्वक निकलने के बाद शिवाजी महाराज सबसे पहले गाजियाबाद स्थित पावन श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ पहुंचे थे. यहां उन्होंने विशेष यज्ञ व हवन अनुष्ठान किया और हिंदवी स्वराज्य का अमर संकल्प लिया था. वही संकल्प 6 जून 1674 को उनके राज्याभिषेक के साथ पूर्ण हुआ. आज गाजियाबाद की इस धरती पर ‘जाणता राजा’ का महामंचन उसी ऐतिहासिक संकल्प का जीवंत विस्तार है.”
‘शिवाजी ने स्वराज्य स्थापित किया, तभी आज हिंदुस्तान और सनातन धर्म जीवित है’: राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल
तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे 12 जनवरी 1997 को मिशन की स्थापना के पहले दिन से ही डॉ. आशीष गौतम के साथ जुड़े रहे हैं, जब हरिद्वार के चंडीघाट में कुष्ठ रोगियों और वंचितों की सेवा का बीड़ा उठाया गया था.
राज्यपाल ने कहा:
“छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास देश के प्रत्येक नागरिक को कंठस्थ होना चाहिए और इस जनजागरण के लिए ‘जाणता राजा’ से बेहतर कोई माध्यम नहीं हो सकता. आज से 350 वर्ष पहले यदि शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की नींव न रखी होती, तो आज न हिंदुस्तान मौजूद होता और न ही सनातन धर्म इस रूप में सुरक्षित रहता. पद्मविभूषण स्वर्गीय बाबासाहेब पुरंदरे ने 1980 के दशक से इस महानाट्य के माध्यम से जो लौ जलाई थी, उसे भावी पीढ़ी तक पहुंचाना अब हम सबकी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है.”
‘सिर्फ आंखों से नहीं, आत्मा से देखें यह महानाट्य’: आचार्य बालकृष्ण
पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि आज इस ऐतिहासिक महानाट्य का साक्षी बनना प्रत्येक दर्शक के पूर्वजन्मों के पुण्यों का सुफल है. उन्होंने आह्वान किया कि दर्शक इस नाटक को केवल आंखों से न देखें, बल्कि अपनी आत्मा से अनुभव करें और शिवाजी महाराज के राष्ट्रप्रेम, धर्मनिष्ठा और चारित्रिक बल को अपने दैनिक आचरण में उतारें.

दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
महामंचन के चौथे दिन उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, ग्रेट वैल्यू ग्रुप के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, ‘जाणता राजा’ आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता (चेयरमैन, GNIOT), संयोजक विनय चौधरी, महामंत्री दीपक शर्मा, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, आयोजन समिति सदस्य उदयवीर सिंह, विकास पुंडीर और दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय चतुर्वेदी सहित हजारों प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे.
मंच का कुशल संचालन अभय पाल जी ने किया. कार्यक्रम में ‘भारत एक्सप्रेस’ की विशेष कवरेज टीम के साथ ही प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कई वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे.
‘जाणता राजा’ का महामंचन: हजारों दर्शक…देशभर से हस्तियां जुटीं, देखिए वीडियो
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