शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने खड़गे की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर इस तरह की बात करना किसी भी लिहाज से सही नहीं है. शायना ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की और कहा कि राजनीति में विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए.
शायना एनसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्य ही विपक्ष को जवाब देने के लिए काफी हैं. उनके मुताबिक, कांग्रेस को प्रधानमंत्री के परिवार का जिक्र करने के बजाय उन कामों पर बात करनी चाहिए, जो सरकार ने देश के लिए किए हैं.
उन्होंने कहा कि जनता ने अपने फैसले के जरिए बता दिया है कि वह किसके साथ खड़ी है. शायना ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का समर्थन और आशीर्वाद हासिल है. उनके अनुसार, बहुत से लोग नरेंद्र मोदी को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ उन्हें बेहद सम्मान की नजर से देखते हैं.
शायना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत हमलों की राजनीति कर रही है. उन्होंने मांग की कि मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी टिप्पणी के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.
महायुति में दरार की अटकलों को किया खारिज
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की ओर से वित्त मंत्री का पद मांगे जाने के सवाल पर भी शायना एनसी ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे कौन-सी जिम्मेदारी मिलेगी, यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का मामला है. साथ ही, उन्होंने इसे महायुति गठबंधन का आंतरिक विषय बताते हुए इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
हालांकि, उन्होंने गठबंधन में मतभेद और टूट की खबरों को अफवाह करार दिया. शायना के मुताबिक, महायुति पूरी तरह एकजुट है और महाराष्ट्र के विकास के लिए मिलकर काम करती रहेगी.
पंजाब चुनाव को लेकर कांग्रेस पर तंज
साल 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों और राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे पर शायना ने कटाक्ष किया. उन्होंने दावा किया कि 2014 से अब तक कांग्रेस कई चुनावों में हार का सामना कर चुकी है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि पंजाब में हार के साथ पार्टी की हार का शतक पूरा हो जाएगा.
शायना ने राहुल गांधी के पंजाब दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि शायद वह इसी शतक को पूरा करने के लिए राज्य जा रहे हैं. हालांकि, यह कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर उनकी राजनीतिक टिप्पणी थी, न कि चुनाव परिणाम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी.
दूसरे राज्यों में भी चुनाव लड़ना चाहती है शिवसेना
पंजाब में शिवसेना के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर शायना एनसी ने कहा कि पार्टी के नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता से कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उन्होंने बताया कि शिवसेना के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी महाराष्ट्र के बाहर भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाए और दूसरे राज्यों में चुनाव लड़े.
शायना के मुताबिक, एकनाथ शिंदे कई चुनावों में प्रचार के लिए गए हैं और पार्टी को इसका फायदा मिला है. इसी आधार पर उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर कार्यकर्ताओं में उम्मीद बनी हुई है. हालांकि, उनके बयान में पंजाब चुनाव के लिए उम्मीदवारों या किसी अंतिम चुनावी फैसले की औपचारिक घोषणा नहीं की गई.
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी उठाए सवाल
एक नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर शायना ने पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी रैली की बात करती है, तो कभी आंदोलन की. उनके अनुसार, अनुमति मिलने या नहीं मिलने, दोनों ही स्थितियों में विरोध प्रदर्शन की बात करना लोगों को असमंजस में डालता है.
उन्होंने दीपावली के त्योहार और अदालत के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की योजना बनाते समय आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है. शायना ने कांग्रेस से सवाल किया कि अगर पार्टी जनता के बीच अपनी बात रखना चाहती है, तो उसे पहले अपना विजन प्लान पेश करना चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मकसद जनता के मुद्दों को उठाने से ज्यादा मीडिया में बने रहना है. शायना ने यह भी दावा किया कि प्रस्तावित रैली का कोई खास असर नहीं होगा. हालांकि, रैली के सफल या असफल होने को लेकर उनका बयान राजनीतिक आकलन था.
सनातन धर्म और हिंदुत्व पर दिग्विजय सिंह को घेरा
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म का समर्थन करने, लेकिन हिंदुत्व से दूरी रखने वाले बयान पर भी शायना एनसी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से कांग्रेस की राजनीति पर सवाल खड़े होते हैं.
शायना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी फायदे के लिए अलग-अलग मुद्दों पर अपना रुख बदलती रहती है. उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए दिग्विजय सिंह के बयान पर तंज कसा.
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-भारत एक्सप्रेस
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