इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वकीलों के एक समूह ने जस्टिस अजय भनोट की अदालत में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की. कोर्ट रूम में फर्नीचर फेंके गए और नारेबाजी की गई, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ. इस घटना के बाद से हाईकोर्ट परिसर और वकीलों के हलकों में सनसनी फैल गई है.
क्या है पूरा विवाद और कारण?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे उपद्रव की मुख्य वजह एक वकील को जेल भेजने का आदेश और एक पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर एक वकील को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया जाना था. इस घटना से वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में वकीलों ने अदालत पहुंचकर अपना विरोध जताया और यह हंगामा हुआ.
हाईकोर्ट प्रशासन और अदालत का सख्त रुखः
माननीय उच्च न्यायालय ने इस गंभीर घटना का स्वतःमाननीय उच्च न्यायालय ने इस गंभीर घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे बेहद सख्ती से लिया है. अदालत ने निर्देश दिए हैं किः
- सीसीटीवी फुटेजः घटना के दौरान अदालत कक्ष में
- मौजूद उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाएगी.
- कड़ी कार्रवाई: पहचान होने वाले वकीलों के
- खिलाफ अवमानना (Contempt of Court) और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
- बार काउंसिल को रिपोर्ट: आरोपियों की पहचान
सुनिश्चित होने के बाद पूरा मामला उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा.
बार एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
घटना के तूल पकड़ने के बाद, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस मामले में तुरंत कदम उठाया है. एसोसिएशन की ओर से मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष व उचित कार्रवाई की मांग की गई है ताकि अदालत की गरिमा और न्यायव्यवस्था की सुचिता बनी रहे.घटना के बाद से कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे मामले पर उच्च स्तर पर नजर रखी जा रही है.
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