महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के चर्चित रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर चर्चा में हैं. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को समन जारी कर अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने उन्हें इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकारी (अभियोजन पक्ष) गवाह के तौर पर बयान दर्ज कराने के लिए 2 नवंबर 2026 की तारीख तय की है. जांच एजेंसियों द्वारा दाखिल पूरक चार्जशीट में नोरा का नाम गवाहों की सूची में शामिल किया गया था, जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें तलब किया है.
जांच एजेंसियों की पूछताछ और लग्जरी गिफ्ट्स का एंगल
इस मामले की आंच बॉलीवुड के कई बड़े नामों तक पहुंची है. नोरा फतेही से पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियां लंबी पूछताछ कर चुकी हैं. सितंबर 2022 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसमें सुकेश के साथ उनके संपर्क और कथित रूप से मिले महंगे तोहफों को लेकर सवाल किए गए थे. इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनसे कड़ी पूछताछ कर चुका है. इसी मामले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज के बयान भी बतौर गवाह दर्ज किए गए हैं.
जेल के अंदर से फर्जी अफसर बनकर रची गई बड़ी साजिश
मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने पहले ही साफ कर दिया था कि सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के अंदर से ही ठगी का पूरा गिरोह चला रहा था. उसने खुद को तत्कालीन केंद्रीय कानून सचिव अनूप कुमार और गृह सचिव अजय भल्ला बताकर बड़े बिजनेसमैनों के परिवारों को झांसे में लिया.
उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों- अदिति सिंह और जपना सिंह को पतियों की जमानत कराने का झांसा देकर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा ऐंठ लिए. इस मामले में सुकेश की पत्नी लीना पॉलोज और अन्य सहयोगियों पर फर्जी कंपनियां (शेल कंपनियां) बनाकर हवाला के जरिए करोड़ों रुपये खपाने के भी संगीन आरोप हैं. अब नोरा फतेही की गवाही इस पूरे जालसाजी कांड की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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