Ministers Guidelines
Supreme Court Bail Rejected: रेप मामले में दोषी ठहराए गए तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 10 साल की सजा पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है. ऐसे में अब तरुण तेजपाल की दिवाली जेल में ही मनेगी. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध सबूतों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया.
ई-मेल और मैसेज को बनाया फैसले का आधार
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल के ई-मेल, मैसेज और अन्य सबूतों पर गौर किया. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद उनकी सजा पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता. इसी के साथ कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी.
कपिल सिब्बल ने पीड़िता के बयान और जांच पर उठाए सवाल
तरुण तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने घटना को लेकर पीड़िता के बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने दलील दी कि कथित घटना के दौरान लिफ्ट के दरवाजे नहीं खुले थे. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले में सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई और जांच अधिकारी ने उसे जब्त करने की कोशिश भी नहीं की.
दिवाली पर अंतरिम जमानत की मांग भी खारिज
तरुण तेजपाल ने दिवाली परिवार के साथ मनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मांगी थी. पिछली सुनवाई में कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी ने उनके परिवार के साथ त्योहार मनाने की दलील दी थी. हालांकि, गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया था.
हाईकोर्ट ने सुनाई है 10 साल की सजा
इस मामले में गोवा हाईकोर्ट ने पहले बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया था और 10 साल की सजा सुनाई थी. तेजपाल की ओर से इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था.
कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई तभी शुरू होगी, जब वह सरेंडर कर उसका प्रमाणपत्र जमा करेंगे. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से तरुण तेजपाल को राहत नहीं मिली है.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





