ECI SIR Update: देश के सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर हो चुके लाखों मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और विभिन्न स्तरों पर मिल रही शिकायतों के बाद आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट’ (ASDD) श्रेणी में आने के कारण छूट गए थे, वे अब बेहद सरल प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वा सकेंगे.
फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के झंझट से मुक्ति (SIR Voter List)
इससे पहले मतदाताओं के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह थी कि उन्हें नए सिरे से नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ रहा था, जिसमें यह घोषणा करनी होती थी कि वे पहली बार वोटर के रूप में पंजीकरण करा रहे हैं, जबकि पता बदलने वालों को फॉर्म-8 की जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था.
अब आयोग ने इस अड़चन को पूरी तरह समाप्त कर दिया है. अब प्रभावित नागरिकों को केवल नया ‘SIR फॉर्म’ और एक साधारण घोषणा-पत्र (एनेक्सचर-B या एनेक्सचर-C) जमा करना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि वे पहले प्रपत्र क्यों नहीं जमा कर पाए थे.
बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर करेंगे संपर्क (Seven States SIR Update)
चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर प्रभावित मतदाताओं से संपर्क करेंगे. इसके साथ ही व्हाट्सएप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भी प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे. बेघर मतदाताओं के मामले में बीएलओ के फील्ड सत्यापन को ही निवास प्रमाण मान लिया जाएगा.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं (Election Commission ECI SIR Update)
दूसरी ओर, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के इस कदम को “यू-टर्न” करार दिया है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई है. बहरहाल, प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इस कदम से उन लाखों मतदाताओं को बड़ी राहत जरूर मिली है जिनके नाम सूची के मसौदे से बाहर हो गए थे.
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