कहते हैं कि ऊपर वाला जब भी देता है, छप्पर फाड़कर देता है. कर्नाटक (Karnataka) के गडग जिले के लक्कुंडी गांव में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसे देखकर गांव वाले अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं. दरअसल, यहां एक पुराने घर की नींव की खुदाई का काम चल रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जमीन के नीचे बरसों से एक बेशकीमती खजाना दबा हुआ है.
कैसे मिला खजाना?
मामला तब शुरू हुआ जब मजदूर घर बनाने के लिए जमीन की खुदाई कर रहे थे. मिट्टी हटाने के दौरान अचानक फावड़ा एक धातु की चीज से टकराया. मजदूरों ने जब पास जाकर देखा, तो वहां एक पुराना तांबे का बर्तन (कलश) दबा हुआ था. खुदाई के समय वहां मौजूद प्रज्वल नाम के एक आठवीं कक्षा के छात्र की नजर सबसे पहले इस बर्तन पर पड़ी. उत्सुकता में जब उस बर्तन का ढक्कन खोला गया, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं.
बर्तन के अंदर कोई साधारण चीज नहीं, बल्कि सोने के हार, झुमके और कई पारंपरिक गहने चमक रहे थे. देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और मौके पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.
छात्र की ईमानदारी ने जीता सबका दिल
आज के दौर में जहां लोग छोटी-सी चीज के लिए बेईमान हो जाते हैं, वहीं प्रज्वल नाम के इस बच्चे ने मिसाल पेश की. सोना देखते ही उसने शोर मचाने या उसे छिपाने के बजाय तुरंत गांव के बड़े-बुजुर्गों को इसकी जानकारी दी. गांव वालों ने सूझबूझ दिखाई और फौरन स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सूचित किया.
करीब आधा किलो सोना बरामद
सूचना मिलते ही गडग के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहन जगदीश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जब उन गहनों का वजन कराया, तो पता चला कि तांबे के बर्तन में कुल 22 सोने की वस्तुएं थीं, जिनका कुल वजन 470 ग्राम (करीब आधा किलो) है. बरामद किए गए गहनों में प्राचीन डिजाइन के हार और झुमके शामिल हैं.
एसपी रोहन जगदीश ने बताया, “यह वाकई हैरान करने वाली घटना है. छात्र की ईमानदारी की वजह से यह कीमती संपत्ति सुरक्षित मिल सकी. फिलहाल पुलिस और राजस्व विभाग ने सभी 22 आभूषणों को अपने कब्जे में ले लिया है.”
सरकारी खजाने में जमा
प्रशासन का मानना है कि ये गहने काफी पुराने समय के हो सकते हैं, जिन्हें शायद सुरक्षा के लिहाज से सालों पहले जमीन में गाड़ दिया गया होगा. अब इन गहनों को पुरातत्व विभाग या सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा. फिलहाल पूरे गांव में प्रज्वल की ईमानदारी और इस ‘दैवीय चमत्कार’ की चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि भले ही सोना सरकार के पास चला गया हो, लेकिन प्रज्वल ने अपनी सच्चाई से पूरे जिले का दिल जीत लिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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