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पढ़िए उस शापित जहाज की कहानी, जिस पर न कोई हमला हुआ, न वो डूबा..फिर भी सारे सवार लोग अचानक हो गए गायब

GHOST SHIP MYSTERY: समंदर के बीचों-बीच मिले शापित जहाज ‘मैरी सेलेस्ट’ की कहानी आज भी रहस्य है. बिना किसी तूफान या लूटपाट के इसका पूरा क्रू अचानक गायब हो गया था. पढिए उसकी पूरी कहानी…

Mary Celeste Mystery Ghost Ship Story

अथाह समंदर अपने भीतर न जाने कितने राज छुपाए हुए है. समुद्री जहाजों के डूबने या लापता होने की अनेक घटनाएं इतिहास में दर्ज हैं, लेकिन एक घटना ऐसी भी है जो पिछले 150 से अधिक सालों से वैज्ञानिकों और जांचकर्ताओं के लिए एक अबूझ पहेली बनी हुई है. यह कहानी है ‘मैरी सेलेस्ट’ (Mary Celeste) नाम के एक अमेरिकी जहाज की.

इस जहाज को इतिहास का सबसे मशहूर ‘भुतहा जहाज’ (Ghost Ship) कहा जाता है, क्योंकि इस पर सवार सभी लोग बिना किसी सुराग के अचानक हवा में गायब हो गए थे.

बीच समंदर मिला भटकता जहाज

इस रहस्य की शुरुआत 5 दिसंबर 1872 को हुई. अटलांटिक महासागर में अजोरेस द्वीप समूह के पास से ‘डेई ग्राशिया’ (Dei Gratia) नाम का एक छोटा ब्रिटिश जहाज गुजर रहा था. इस जहाज के कप्तान डेविड मोरहाउस ने देखा कि थोड़ी दूरी पर एक अमेरिकी जहाज मैरी सेलेस्ट अजीब तरीके से लड़खड़ाता हुआ पूरी गति से चल रहा था. कप्तान को कुछ अनहोनी की आशंका हुई. वे अपने चालक दल के साथ मदद करने के मकसद से मैरी सेलेस्ट जहाज पर पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए.

Ship Sea Storm

न लाश मिली, न खून के धब्बे – ऐसे कैसे?

बचाव दल जब जहाज के अंदर दाखिल हुआ, तो पाया कि पूरा जहाज एकदम खाली था. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जहाज बिल्कुल सुरक्षित स्थिति में था और समंदर में तैरने के पूरी तरह अनुकूल था. वहां न तो किसी लूटपाट के सबूत थे और न ही किसी हमले के निशान थे. जहाज पर कोई खून-खराबा नहीं हुआ था और न ही कोई लाश मिली. जहाज पर मौजूद कीमती सामान, चालक दल के कपड़े और खाने-पीने की चीजें बिल्कुल सुरक्षित और सही सलामत अपनी जगह पर रखी हुई थीं. आखिर बिना किसी तूफान या समुद्री डाकुओं के हमले के, लोग कहां चले गए, यह कोई नहीं समझ पाया.

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जब सफर पर निकला था मैरी सेलेस्ट

इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि 7 नवंबर 1872 को मैरी सेलेस्ट ने न्यूयॉर्क बंदरगाह से इटली के जेनोआ के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी. इस जहाज पर कप्तान बेंजामिन एस. ब्रिग्स, उनकी पत्नी, उनकी दो साल की मासूम बेटी और आठ अनुभवी नाविकों का दल सवार था. इसके अलावा जहाज पर व्यापार के लिए लगभग 1,700 बैरल कच्चा अल्कोहल (अल्कोहल लिक्विड) लदा हुआ था.

जब ब्रिटिश जहाज के कैप्टन मोरहाउस ने इस खाली पड़े जहाज को ढूंढा, तो उन्होंने देखा कि सिर्फ जहाज की लाइफबोट और कुछ नेविगेशन उपकरण गायब थे. गोदाम में थोड़ा पानी जरूर भरा हुआ था, लेकिन जहाज डूबने जैसी स्थिति में बिल्कुल नहीं था. कप्तान ब्रिग्स और उनका परिवार अचानक जहाज छोड़कर क्यों गया, या उन्हें किसी ने गायब कर दिया, इसका जवाब आज तक नहीं मिल सका है.

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