Ajab Gajab: मेडिकल फील्ड में हो रहे शोषण का एक ऐसा खौफनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है. सिकंदराबाद के एक प्राइवेट स्पर्म बैंक में जब टास्क फोर्स पुलिस ने छापा मारा तो वहां चल रहे एक बड़े और अनैतिक खेल का पर्दाफाश हुआ. यह क्लीनिक कोई मामूली गड़बड़ी नहीं कर रहा था बल्कि यहां का स्टाफ सड़कों पर रहने वाले भिखारियों और राहगीरों की लाचारी का फायदा उठाकर बेहद शर्मनाक रैकेट चला रहा था.
जाल में ऐसे फंसाते थे लाचार लोगों को
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं वो किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती हैं. क्लीनिक के एजेंट अक्सर सरकारी अस्पतालों या फुटपाथों के बाहर डेरा जमाए बैठे भिखारियों और बेहद गरीब लोगों को अपना निशाना बनाते थे. उन्हें सबसे पहले भरपेट बिरयानी खिलाने का लालच दिया जाता था और साथ में 4,000 से 6,000 रुपये नकद देने की बात कही जाती थी.
जब ये लाचार लोग पैसों और खाने के लालच में आ जाते तो उनसे कहा जाता था कि बदले में बस एक “छोटी सी चीज” देनी होगी. इसके बाद उन्हें एक बंद कमरे या बाथरूम में ले जाकर उनका स्पर्म सैंपल ले लिया जाता था.
अहमदाबाद तक जुड़े थे रैकेट के तार
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह क्लीनिक दरअसल अवैध सरोगेसी और नवजात बच्चों को बेचने वाले एक बहुत बड़े सिंडिकेट का हिस्सा था. गरीबों से औने-पौने दाम में और धोखे से स्पर्म इकट्ठा करके ये लोग उसे आगे अहमदाबाद के नामी फर्टिलिटी सेंटर्स को मोटी रकम में सप्लाई करते थे.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 16 स्पर्म सैंपल और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं. इस काले कारोबार में शामिल क्लीनिक के स्टाफ और ऑपरेटर्स समेत कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी इस बात की पूरी तरह पुष्टि होना बाकी है कि बरामद किए गए सभी सैंपल सिर्फ भिखारियों के ही हैं या नहीं.
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क्या कहता है भारत का कानून?
यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद देश के मेडिकल जगत में हड़कंप मच गया है. आपको बता दें कि भारत में स्पर्म डोनेशन पूरी तरह लीगल (कानूनी) है, लेकिन इसके लिए बेहद कड़े नियम-कायदे तय हैं. कानून के मुताबिक, स्पर्म डोनेशन हमेशा अपनी मर्जी और बिना किसी आर्थिक लालच के होना चाहिए. डोनर की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और उसकी लिखित सहमति अनिवार्य है.
गरीबों की लाचारी का फायदा उठाकर, उन्हें पैसों या खाने का झांसा देकर धोखे से ऐसा करवाना कानूनन संगीन अपराध है. भारत का ‘सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट’ ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करता है, और अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में जुट गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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