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विश्लेषण

Lalu Prasad Yadav: लालू प्रसाद यादव के उभार की कहानी सिर्फ एक राजनेता की जीवनी नहीं है. यह उस बदलाव की कहानी है, जब बिहार की राजनीति संभ्रांत वर्ग के नियंत्रण वाले सत्ता के कमरों से निकलकर एक ऐसे जन-राजनीतिक मैदान में पहुंची, जहां आम लोगों की भाषा, जाति की चेतना, प्रतिनिधित्व, सम्मान, पहचान, शासन और असंतोष आपस में टकरा रहे थे.

Lalu Prasad Yadav: भारतीय लोकतंत्र में लालू प्रसाद यादव की पहचान एक खास राजनीतिक शैली के रूप में की जाती है - हास्य से भरपूर, टकराव वाली, जातीय समीकरणों को समझने वाली और आम मतदाताओं की भाषा में बात करने वाली. उन्होंने देहाती अंदाज और हास्य को जनसंपर्क का प्रभावी माध्यम बनाया.

लालू प्रसाद यादव ने भारतीय लोकतंत्र को देसी अंदाज और सामाजिक न्याय की भाषा दी. उन्होंने चुटकुलों और तंज को राजनीति का हथियार बनाया, पिछड़े वर्गों को सम्मान दिलाया और RJD की नींव रखी.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति को अक्सर ‘इंजीनियर्ड पावर’ कहा जाता है. बख्तियारपुर में जन्मे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले नीतीश ने राजनीति को बैलेंस और सिस्टम मैनेजमेंट की तरह चलाया. उनकी पहचान गठबंधन बनाने, जातीय समीकरण साधने और प्रशासनिक स्थिरता देने वाले नेता के रूप में बनी.

1920 के दशक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महात्मा गांधी की छवि सिर्फ एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं थी. गोरखपुर के किसानों के बीच वे ‘महात्मा’ के रूप में लोकप्रिय हो चुके थे, जिनसे जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं, अफवाहें और चमत्कारों की कहानियां प्रचलित थीं.

युवाओं की बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, चुनाव आयोग की भूमिका और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठते सवालों ने बीजेपी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है.

राजेन्द्र चोल की शक्तिशाली नौसेना ने हिंद महासागर से दक्षिण-पूर्व एशिया तक चोल साम्राज्य का प्रभाव बढ़ाया, लेकिन इतिहास लेखन में मिली कम जगह पर सवाल उठते हैं.

शंभुनाथ की पुस्तक 'भारतीय ज्ञान परंपरा: एक सभ्यता की अंतर्दृष्टि' के आलोक में जानिए कि कैसे भारत की ज्ञान-परंपरा संस्कृत, पालि, तमिल, लोक-कलाओं और वैचारिक बहस से समृद्ध हुई है.

IITs में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के पीछे अकादमिक दबाव, मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और पहचान से जुड़े कई जटिल कारण हो सकते हैं.

वाशिंगटन में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में व्यापारिक युद्धविराम दो महीने के लिए बढ़ गया है. हालांकि, ताइवान और तकनीकी विवादों पर दोनों देशों के बीच मौलिक मतभेद बरकरार हैं.