भगवा जागरण: उत्तर प्रदेश मंडल की राजनीति से कमंडल के दबदबे तक कैसे पहुंचा
Saffron Politics In UP: उत्तर प्रदेश तब बदला, जब जाति आधारित राजनीति सत्ता की एकमात्र भाषा नहीं रही और एक बड़े हिंदू राजनीतिक विचार का हिस्सा बन गई. बीजेपी का उभार अचानक हुई कोई भगवा क्रांति नहीं थी. यह एक लंबे समय तक चलने वाली राजनीतिक कोशिश थी, जिसमें राम मंदिर का मुद्दा, गैर-यादव ओबीसी तक पहुंच, गैर-जाटव दलितों को साथ जोड़ना, कल्याणकारी योजनाओं का संदेश और मजबूत संगठन को जोड़ा गया.
बीजेपी की नई टीम का चरणबद्ध बदलाव, पुराने दिग्गजों की हुई दमदार वापसी
BJP New National Team: बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में हाल में किए गए फेरबदल को किसी बड़े बदलाव के बजाय एक सोच-समझकर किए गए संगठनात्मक सुधार के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में घोषित नई टीम में कई पुराने और परिचित चेहरे लौटे हैं, कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिली हैं और पार्टी ने अनुभव, सामाजिक प्रतिनिधित्व और चुनावी तैयारी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है.
यूपी 2027 के लिए भाजपा की रणनीति आकार लेने लगी; बूथ रणनीति और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी संभालेंगे बीएल संतोष
BL Santhosh: भाजपा की उत्तर प्रदेश 2027 की तैयारियां अब व्यापक राजनीतिक संदेशों से आगे बढ़कर मजबूत संगठनात्मक अभ्यास की ओर बढ़ रही हैं. बूथ रणनीति और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष एक केंद्रीय भूमिका में उभरकर सामने आए हैं.
क्या केवल भक्ति के दम पर हिट हुई ‘हनुमान अंश’? जानिए सफलता की वो 4 वजहें जो कोई नहीं बता रहा
Hanuman Ansh Movie Success: ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन, बुंदेली संगीत और अध्यात्म का वह जीवंत संगम है जो दर्शक को उसकी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक आत्मसम्मान से जोड़ता है.
Poona Pact: जब दलित अधिकारों के लिए महात्मा गांधी ने रखा था आमरण अनशन, जानें क्या है पूना पैक्ट का इतिहास
Poona Pact: भारतीय इतिहास में 24 सितंबर 1932 का दिन दलितों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है. जानिए इस समझौते के मुख्य प्रावधान और प्रभाव.
आयुर्वेद दिवस: स्वतंत्रता संग्राम से आजादी के बाद तक, जानिए राष्ट्रीय पहचान और स्वास्थ्य का पूरा इतिहास
Ayurveda Day: स्वतंत्रता संग्राम में आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वराज का प्रतीक था. जानिए आजादी के बाद भोर समिति की सिफारिशों और वैज्ञानिक मानकीकरण की कमी के कारण यह मुख्यधारा से पीछे कैसे छूटा.
लद्दाख क्यों मांग रहा है अनुच्छेद 371K? जानें संविधान का आर्टिकल 371 क्या है और इसका इतिहास
2019 के बाद से लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा और अधिकारों की मांग तेज हो गई है. हाल ही में केंद्रीय प्रस्ताव के बाद, स्थानीय नेता लिखित ड्राफ्ट और स्पष्ट शक्तियों की मांग कर रहे हैं.
क्या 4 टुकड़ों में बंटेगा उत्तर प्रदेश? राजभर के दावे ने 2027 के चुनाव से पहले बढ़ाई सियासी हलचल
UP Reorganisation: 2027 के चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान ने उत्तर प्रदेश को 4 भागों में बांटने की 71 साल पुरानी मांग को फिर हवा दे दी है. 1955 में डॉ. आंबेडकर द्वारा उठाए गए इस विचार को 2011 में मायावती सरकार ने विधानसभा से पारित कराया था.
खुद को खुद से बेहतर बना रहा है AI! बस एक साल बचा है… क्या इंसानी दुनिया का अंत होने वाला है?
एआई के जनक माने जाने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने एक बार फिर दुनिया को चेताया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव सभ्यता के लिए अस्तित्वगत खतरा बन सकती है.
ओपनएआई ने अपने एआई मॉडलों के छह अप्रत्याशित और चिंताजनक व्यवहारों का खुलासा किया
ओपनएआई ने एआई मॉडलों में छह चिंताजनक व्यवहारों का खुलासा किया है. इनमें गलतियों को छिपाना, फाइलें अपलोड करना और अनधिकृत जानकारी साझा करना शामिल है.





