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विश्लेषण

India China Trade Imbalance: BRICS की सबसे बड़ी उपलब्धि शायद कोई आर्थिक घोषणा नहीं, बल्कि मोदी-शी संवाद हो सकता है. 2020 के गलवान संकट के बाद भारत-चीन संबंधों में जो अविश्वास पैदा हुआ, उसने सिर्फ सीमा को प्रभावित नहीं किया, बल्कि व्यापार, निवेश, वीजा, आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक संबंधों पर भी असर डाला, लेकिन अब दोनों देशों ने धीरे-धीरे संवाद बहाल करने के संकेत दिए हैं.

भारत जैसे बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र में एकता की सबसे मजबूत कड़ी भाषा और संस्कृति का सकारात्मक संवाद है. आज जब कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्त्व राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी विरोध को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए हिंदी को सेतु भाषा के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता और बढ़ गई है.

South India Hindi History: दक्षिण भारत में हिंदी का प्रवेश किसी राजनीतिक फरमान से नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन, भक्ति साहित्य और व्यापारिक जरूरतों से हुआ. जानिए स्वतंत्रता संग्राम से लेकर दूरदर्शन के दौर तक दक्षिण में हिंदी के प्रसार की वास्तविक कहानी.

BRICS Network University विश्वविद्यालयों के बीच आदान-प्रदान और सीमा पार सहयोग के जरिए भारतीय छात्रों के लिए रिसर्च और पढ़ाई से जुड़े नए अवसर बढ़ा रहा है. यह पता करें कि अवसर किसी वर्कशॉप, प्रयोगशाला की यात्रा, एक सेमेस्टर के एक्सचेंज, इंटर्नशिप या डिग्री प्रोग्राम से जुड़ा है. मेजबान विश्वविद्यालय से पूछें कि प्रस्तावित रिसर्च गतिविधि के लिए कौन-सी वीजा श्रेणी लागू होगी.

SWIFT पर निर्भरता कम करने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को मजबूत करने के लिए BRICS वैकल्पिक भुगतान प्रणालियां विकसित कर रहा है.

BRICS Generic Medicine Alliance: महंगी दवाएं सिर्फ बजट की समस्या नहीं हैं. इनकी कीमत यह भी तय कर सकती है कि अस्पतालों और क्लीनिकों में जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी या नहीं और क्या परिवार इलाज का पूरा कोर्स करा पाएंगे. BRICS के जेनेरिक दवा गठबंधन उत्पादन क्षमता, सार्वजनिक स्वास्थ्य कूटनीति, नियामक सहयोग और एक साथ बड़ी मात्रा में दवाएं खरीदने की ताकत को जोड़ते हैं.

BRICS हिंद महासागर में समुद्री सहयोग का विस्तार कर सकता है, लेकिन रणनीतिक मतभेदों और मौजूदा क्षेत्रीय व्यवस्थाओं के कारण एक स्थाई संयुक्त गश्ती दल (Joint Patrol) बनने की संभावना कम ही है.

Importance Of IBSA: IBSA आज भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को एक बड़े और अलग-अलग राजनीतिक सोच वाले BRICS समूह के भीतर एक छोटे लोकतांत्रिक मंच पर साथ आने का मौका देता है. BRICS जहां बड़े स्तर, वित्त और ग्लोबल साउथ की सौदेबाजी की ताकत के लिए उपयोगी है.

ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने पर, भारत की 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' (मानवता सर्वोपरि) थीम लचीलेपन, नवाचार, आपसी सहयोग और सतत विकास पर केंद्रित एक मजबूत रोडमैप पेश करती है.

भारत मंडपम में आयोजित मोदी-शी बैठक का मुख्य ध्यान एलएसी (LAC) पर सैन्य वापसी (डिसइंगेजमेंट), सीमा पर स्थिरता, व्यापार असंतुलन और भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य पर केंद्रित रहा.