Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

गोपाल कृष्ण




भारत एक्सप्रेस


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मूक बधिर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.

दिल्ली हाईकोर्ट 10 दिसंबर को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें दिल्ली में पंचायत राज अधिनियम 1954 को लागू करने की मांग की गई है. कोर्ट ने सभी पक्षों को दिल्ली के विधायी इतिहास पर नोट जमा करने का निर्देश दिया है.

Legal News: सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को देश के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.

जसमीत सिंह साहनी की ओर से दायर की गई जनहित याचिका है जिसे अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की गई है. दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि निजी स्कूल माता-पिता को महंगी किताबे खरीदनें पर मजबूर कर रहें है.

जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड के बाद न्यायपालिका पर एक और बड़ा आरोप लगा है. सूत्रों के मुताबिक एनसीएलएटी के सदस्य जस्टिस शरद कुमार शर्मा ने चौकाने वाला दावा किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को एक जमानत के मामले में सुनवाई 43 बार टालने के लिए फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने रामनाथ मिश्रा बनाम केंद्रीय जांच ब्यूरों के मामले में यह आदेश जारी किया है.

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और कार्यकर्ताओं के राजनीतिक बयानों का विरोध करते हुए पूर्व न्यायाधीशों ने ओपन लेटर जारी किया हैं.

राष्ट्रपति द्वारा विधेयकों पर मंजूरी की समय-सीमा तय करने से जुड़े 14 सवालों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर राष्ट्रपति और राज्यपाल अनिश्चितकाल तक बैठे रहें तो क्या अदालत शक्तिहीन हो जाएगी?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की है.

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार दलित अधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत अर्जी पर जस्टिस एम. एम. सुंदरेश ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है. इससे पहले उनके वकील आनंद ग्रोवर ने सीजेआई गवई से जल्द सुनवाई की मांग की थी.