Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

गोपाल कृष्ण




भारत एक्सप्रेस


दिल्ली की निचली अदालतों में छह दिन से चली आ रही वकील हड़ताल समाप्त हो गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद वकीलों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया. दिल्ली उपराज्यपाल की अधिसूचना फिलहाल लागू नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेश के पालन में देरी जानबूझकर नहीं की गई हो तो उसे अवमानना नहीं माना जाएगा. पंजाब नेशनल बैंक पेंशन मामले में कोर्ट ने विलंब को वैध कारण मानते हुए अवमानना याचिका खारिज किया.

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए विधेयक को मंजूरी देने की समय सीमा और उनके अधिकारों पर बहस जारी है. केंद्र सरकार और वरिष्ठ वकीलों ने संविधान के अनुच्छेद 200, 201, 32, 163 और 361 के दायरे पर बहस किया.

गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. 2007 में शिवसेना पार्षद की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गवली को अदालत ने 17 साल जेल में रहने और उनकी उम्र को देखते हुए राहत दी है.

नीट-पीजी 2025 को लेकर विवाद और गहरा गया है. डॉक्टर उपेंद्र यादव व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है. याचिका में उत्तर कुंजी की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए NBEMS की अधिसूचना को चुनौती दी गई है.

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि हम याचिका की मेंटलएबिलिटी पर आदेश सुरक्षित रख रहे है. मामले की सुनवाई के दौरान पीएफआई कि ओर से पेश वकील ने कहा कि हर न्यायाधिकरण न्यायिक कार्य करता है कुछ के पास सिविल कोर्ट की शक्तियां होती है.

दिल्ली के सभी निचली अदालतों के वकील की हड़ताल अभी भी जारी है. वकील दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से दायर अधिसूचना के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है. हड़ताल कर रहे वकीलों का मानना है कि एलजी द्वारा जारी अधिसूचना के चलते पुलिस को असीमित शक्तियां मिल गई है.

गुरुग्राम जमीन घोटाला मामले में रॉबर्ट वाड्रा सहित अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से संबंधित बिंदुओं पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 20 सितंबर को सुनवाई करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ा झटका देते हुए आदेश दिया कि आरोपी को जेल में रखने के लिए बार-बार नई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नई प्राथमिकी में गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अनियमित ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी ऐप्स पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पहले दिल्ली सरकार को ज्ञापन देने की सलाह दी हैं.