Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

उपेन्द्र राय, सीएमडी / एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस




भारत एक्सप्रेस


पड़ोस में जब इतनी उथल-पुथल मची हो तो भारत भला कैसे निश्चिंत रह सकता है। चीन के साथ जारी संकट के बीच पाकिस्तान में तालिबान का बढ़ता आतंक हमारे लिए दोहरी परेशानी खड़ी कर सकता है।

हमें समझना होगा कि महिला सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई भी समझौता होगा, तो निर्भया, कंझावला जैसे मामलों पर रोक नहीं लग सकेगी।

कुछ मुद्दे हैं जो मोदी और बीजेपी को परेशान कर सकते हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद बेरोजगारी का उच्चतम स्तर अभी भी केन्द्र सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है।

2023 में जो एक चुनौती दिख रही है वो रोजगार के क्षेत्र से आती दिख रही है। हालांकि दुनिया के मुकाबले भारत में बेरोजगारी की स्थिति उतनी भयावह नहीं है लेकिन हालात कोई बहुत अच्छे भी नहीं हैं।

चीन के लिए हासिल ये है कि एक तरफ मौत का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ आर्थिक विकास दर गिरकर पांच दशकों के न्यूनतम स्तर 2.8 से 3.2 प्रतिशत तक जाती दिख रही है।

दुनिया को और खासकर अमेरिका को यह बात समझनी होगी कि यूक्रेन-रूस युद्ध का अंत यूक्रेन के हाथ में नहीं है। नाटो के देश और खुद अमेरिका के साथ बातचीत से ही इस युद्ध का शांतिपूर्ण अंत हो सकता है।

बिहार की घटना को देश सबक के तौर पर ले सकता है। शराबबंदी को लागू करना जितना जरूरी है, उससे अधिक जरूरी है इसे बेहतर तरीके से लागू करना।

जाहिर है लगातार मजबूत होता जा रहा भारत चीन की आंखों में चुभता है। भारत खुद एक परमाणु शक्ति है, इसलिए खुले मैदान में तो लाल सेना की हिम्मत नहीं कि वो हिंद के वीरों को चुनौती दे सके।

गुजरात के संदर्भ में आम आदमी पार्टी पर चर्चा तुलनात्मक रूप से ज्यादा प्रासंगिक होगी जो दिल्ली और पंजाब के बाद अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के राज्य में भी पैर जमाने में कामयाब रही है।

यह भी मानना होगा कि विधानसभा चुनावों में आगे की कई चाल पहले से सोच कर विपक्षियों को धूल चटाने में माहिर हो चुकी बीजेपी एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी की ‘कल्पनाशीलता’ के सामने कमजोर साबित हुई।