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उपेन्द्र राय, सीएमडी / एडिटर-इन-चीफ, भारत एक्सप्रेस




भारत एक्सप्रेस


पिछले दिनों वाशिंगटन के व्हाइट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में एक दिलचस्प और बेहद महत्वपूर्ण वाकया इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया।

गौर करने वाली बात ये है कि इस मामले में बढ़-चढ़कर प्रधानमंत्री मोदी से जवाबतलब और रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे ज्यादातर नेता किसी-न-किसी वक्त में देश के रेल मंत्री रह चुके हैं।

दुनिया के साथ कदम मिलाकर अगर चलना है तो डिजिटल तकनीक का सहारा लेना पड़ेगा. आज के दौर में दुनिया के सभी देश एकदूसरे से कनेक्टेड हैं.

दुर्भाग्य को भला कौन टाल पाया है. इससे अक्सर हमें दुखद आघात मिलता है. कमजोर और हाशिए पर रहने वालों को तो यह और दीन-हीन बना देता है.

साल 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आने के साथ ही देश का तेजी से विकास हुआ.

समस्या यह है कि युद्ध को शुरू हुए सवा साल से ज्यादा वक्त बीत गया है लेकिन किसी को भी यह नहीं पता कि युद्ध रुकेगा कैसे? इतिहास में कई बार दुनिया का चौधरी बन चुका अमेरिका भी इस बार लाचार होकर भारत की ओर देख रहा है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के नौ साल पूरे हो चुके हैं. सरकार के दसवें साल की शुरुआत दो शानदार उपलब्धियों के साथ हुई है. भारत ने वैश्विक स्तर पर चल रहे संकटों के बीच 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद में जबरदस्त वृद्धि की है.

राज्यों में जब चुनाव होने को होते हैं तो इस मुद्दे पर सरगर्मी भी बढ़ती है। 2022 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनाव में बीजेपी ने इसे अपने प्रचार और वोट मांगने के एजेंडे में शामिल किया था।

नया संसद भवन इस लिहाज से भी बेहद खास हो जाता है कि अब हम भी उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गए हैं, जिसके पास गुलामी से मिली आजादी के बाद खुद का बनाया हुआ संसद भवन होगा।

एक महत्वपूर्ण आवाज के रूप में विश्व स्तर पर भारत की उपस्थिति इस तथ्य से भी रेखांकित होती है कि भारत एक ही समय में जी-20 और शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता संभाल रहा है।