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विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार




भारत एक्सप्रेस


1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू होने के साथ भारत के नक्शे में ऐतिहासिक बदलाव हुआ. भाषाई पहचान और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्यों की सीमाएं नए सिरे से तय की गईं.

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तीन दिवसीय जन्मशताब्दी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ.

मणिबेन पटेल की कहानी सिर्फ सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी होने तक सीमित नहीं है. वे स्वतंत्रता संग्राम की सक्रिय सेनानी, समर्पित समाजसेवी और मजबूत राजनीतिक व्यक्तित्व थीं.

हिन्दी फिल्म संगीत का इतिहास सिर्फ लोकप्रिय गीतों और मशहूर संगीतकारों की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज, संस्कृति और बदलते दौर की भी झलक दिखाता है.

बिहार के भोजपुर से निकलकर पत्रकारिता, कारोबार, समाजसेवा और राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले डॉ. आर.के. सिन्हा का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया.

बिहार के महान क्रांतिकारी योगेंद्र शुक्ल, जिन्हें लोग 'शेरे बिहार' के नाम से जानते थे, ने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. भगत सिंह को पिस्तौल चलाने का प्रशिक्षण देने से लेकर हजारीबाग जेल से जयप्रकाश नारायण के साथ फरार होने और नेपाल में बंद क्रांतिकारियों को छुड़ाने तक, उनकी बहादुरी के कई किस्से इतिहास में दर्ज हैं.

रिलायंस जियो की एंट्री ने भारत में इंटरनेट की दुनिया बदलने में अहम भूमिका निभाई. सस्ते डेटा और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच ने गांवों और छोटे शहरों के युवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका दिया.

इंसान चाहे अपने शहर से कितनी भी दूर चला जाए, उसकी यादें कभी उससे दूर नहीं होतीं. वक्त के साथ शहर बदल जाते हैं, घर छूट जाते हैं और जिंदगी नई राहों पर चल पड़ती है, लेकिन बचपन की गलियां, पुराने दोस्त, चाय-पान की दुकानें और अपनों की आवाजें दिल के किसी कोने में हमेशा जिंदा रहती हैं.

न्यू इंडिया फाउंडेशन ने कमलादेवी चट्टोपाध्याय एनआईएफ बुक प्राइज़ 2026 के लिए पांच किताबों की शॉर्टलिस्ट जारी कर दी है.

सिलाई मशीन की शुरुआत से लेकर आज तक का सफर तकनीक, रोजगार और आत्मनिर्भरता की एक दिलचस्प कहानी है. जानिए कैसे सिलाई मशीन घर-घर पहुंची और आज भी लाखों लोगों की आजीविका का सहारा बनी हुई है.