Independence Day 2026: भारत एक्सप्रेस के 80वें स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमडी उपेंद्र राय ने श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ दर्शन और आधुनिक समाज में धन के प्रति बढ़ती विकृत मानसिकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारतीय समाज ने धन को लेकर बनी गलत धारणाओं के कारण भारी नुकसान उठाया है, जबकि शास्त्रों में ज्ञान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है.
सीएमडी उपेंद्र राय ने गीता के श्लोकों का संदर्भ देते हुए समझाया कि भगवान श्रीकृष्ण ने यज्ञ के कई प्रकार बताए हैं, जिनमें द्रव्य यज्ञ, तपो यज्ञ, योग यज्ञ, स्वाध्याय यज्ञ और ज्ञान यज्ञ शामिल हैं. इनमें भगवान ने द्रव्य यज्ञ यानी केवल भौतिक धन के दान को सबसे निचले पायदान पर रखा है.
ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर CMD उपेंद्र राय का कड़ा संदेश: दिमाग को कचरा मत बनने दीजिए, नकारात्मकता से बचें
धन के आगे झुकने की विकृति: उन्होंने कहा कि पैसे को ही सर्वोपरि मान लेने की सोच ने देश को मानसिक रूप से कमजोर किया, जिसके कारण लोग धनवानों के आगे दुम हिलाते नजर आने लगे.
ज्ञान यज्ञ का महत्व: भगवान श्रीकृष्ण ने ‘ज्ञान यज्ञ’ को सबसे उत्तम माना है. जो व्यक्ति सत्य और असत्य का भेद ठीक उसी तरह कर सकता है जैसे हंस दूध और पानी को अलग कर देता है, वही सच्चा ज्ञानी है.
मूर्खता और जड़ बुद्धि से बचाव: हरिशंकर परसाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि मूर्ख का ज्ञान लोहे से भी अधिक कठोर होता है, इसलिए जड़ बुद्धि वाले हठधर्मियों से बचकर अपने विवेक और नीर-क्षीर बुद्धि को जाग्रत रखना चाहिए.
ये भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर CMD उपेंद्र राय का कड़ा संदेश: दिमाग को कचरा मत बनने दीजिए, नकारात्मकता से बचें
सहयोगियों को किया प्रेरित
सीएमडी ने मीडियाकर्मियों और सहयोगियों को प्रेरित किया कि वे ज्ञान के सच्चे उपासक बनें, क्योंकि विवेकवान और तार्किक चेतना ही समाज को सही दिशा दे सकती है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

