Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने ऐतिहासिक तथ्यों के जरिए देश के अतीत और वर्तमान की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि आज जब हम आजादी का जश्न मना रहे हैं, तो हमें यह भी आत्ममंथन करना चाहिए कि हम आखिर गुलाम क्यों हुए थे.
सीएमडी उपेंद्र राय ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जब भारत पर अंग्रेजों की सत्ता स्थापित हुई, उस समय पूरे एशिया महाद्वीप की आबादी लगभग 64 करोड़ थी, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा भारत का था. आश्चर्य की बात यह है कि समूचे एशिया में मात्र 1 लाख 60 हजार अंग्रेज थे.
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सवाल न पूछने की बीमारी: उन्होंने कहा कि 64 करोड़ की आबादी पर मुट्ठी भर लोगों ने शासन किया और लोगों का मान-मर्दन किया. यह गुलामी इसलिए संभव हुई क्योंकि हमारे मन में सवाल न पूछने का गहरा संस्कार बैठ गया था.
भीड़ बनाम चेतना: महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि क्रांति व्यक्ति के भीतर घटती है, समाज में नहीं. समाज अक्सर अंधा होकर भीड़ के पीछे चलता है.
आधुनिक टूल्स और सजगता: उन्होंने कहा कि आज हमारे पास गूगल, चैटजीपीटी, क्लॉड और परप्लेक्सिटी जैसे आधुनिक डिजिटल साधन हैं. अब हमें सवाल पूछने, तार्किक बनने और जागरूक रहने की जरूरत है, ताकि हम दोबारा किसी आर्थिक या मानसिक गुलामी के शिकार न हों.
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बौद्धिक चेतना को जगाना होगा
सीएमडी ने आह्वान किया कि हर नागरिक को अपनी बौद्धिक चेतना को जगाना होगा और व्यवस्था व स्वयं से तार्किक सवाल पूछने का साहस जुटाना होगा.
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