वाहनों पर ‘प्रेस’, ‘आर्मी’, ‘पुलिस’ लिखे फर्जी स्टिकर लगाने वालों पर नकेल कसेगी बिहार पुलिस
बिहार पुलिस ने प्रेस, आर्मी, पुलिस स्टीकर लगे वाहनों की जांच तेज करने का आदेश दिया है. फर्जी स्टिकर से अपराधियों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल हो सकती है.
फ्रांस कैसे बन गया अब भारत के सामरिक हितों का दूसरा गारंटर: N Sathiya Moorthy
फर्स्टपोस्ट के एडिटर एन. सत्या मूर्ति ने भारतीय विदेश नीति और भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति पर ओपनियन लिखा. यह ओपनियन भारतीय विदेश नीति, भारत-फ्रांस संबंधों और वैश्विक राजनीति के विभिन्न आयामों पर ध्यान केंद्रित करता है.
फर्जी कॉलेजों के जाल में फंसते मासूम छात्र
देश में सूचना क्रान्ति, उदारीकरण और उपभोक्ता संस्कृति तीनों ने मिलकर गांव और कस्बों के नौजवानों के मन में कुछ नया सीखने और व्यावसायिक जगत में आगे बढ़ने की ललक पैदा कर दी है. उनकी इस ललक को बढ़ाने का काम कर रहे हैं देश भर में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हजारों देसी व विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान. इनकी दुकान जितनी ऊंची है, उतनी फीकी भी.
दे दी जान हमने मुल्क की हिफ़ाज़त में… लाल सलाम के नाम पर आतंक का खेल आखिर कब तक?
ज़रूरत है समाज में बैठे उन चेहरों को पहचाने की. ज़रूरत है उनके मंसूबों को मटियामेट करने में सरकार के साथ खड़े होने की. अगर ऐसा नहीं होता है तो नक्सलवाद के नाम पर आज जवानों को निशाना बनाया गया है कल समाज के बेकसूर भी उनके निशाने पर आ सकते हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने तीन बार किया पाकिस्तान का दौरा, लेकिन कभी नहीं लौटे अपने गांव ‘गाह’
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गाह गांव में हुआ था. बचपन का यह गांव उनके दिल के बेहद करीब था.
डॉ. मनमोहन सिंह: एक अराजनैतिक अर्थशास्त्री, जो बना देश के आर्थिक पुनर्जागरण का पुरोधा
आज पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह जब सदा के लिए मौन हो गए हैं, उनका वो कथन मुझे याद आता है जब उन्होंने कहा था कि "मुझे उम्मीद है कि मीडिया की तुलना में इतिहास मेरे प्रति ज्यादा दयालु होगा."
चुनावी वादों के बीच फंसा वोटर
चुनाव चाहे किसी राज्य की सरकार का हो या केंद्र की सरकार का, हर राजनैतिक दल मतदाताओं को लुभाने की मंशा से ऐसे कई वादे करते हैं जो वास्तव में सच नहीं किए जाते. यदि जनता को चुनावों में किए गए वादों और उन्हें पूरा किए जाने के अंतर की देखा जाए तो यह अंतर काफी बड़ी संख्या में पाया जाएगा.
दिव्यांगजनों की सेवा और स्वाभिमान का अमृत दशक
आज का दिन अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस साल भारत के संविधान के 75 वर्ष भी पूर्ण हुए हैं। हमारा संविधान हमें समानता और अंत्योदय के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।बीते 10 वर्षों में हमने दिव्यांगजनों की उन्नति की मजबूत नींव रखी है।
शारदा सिन्हा के छठ गीत सदैव सदियों तक गूंजते ही रहेंगे
शारदा सिन्हा के गाने सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी देते हैं. वो महिलाओं की ताकत और स्वतंत्रता के लिए आवाज़ उठाती हैं, और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी मुखर हैं.
Microsoft Outage: माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में क्यों आई समस्या और क्या है इसका समाधान
बीते 19 जुलाई माइक्रोसॉफ्ट आउटेज के कारण भारत सहित कई प्रमुख देशों के एयरलाइंस, मीडिया, अस्पताल, सार्वजनिक सेवाएं कुछ घंटों के लिए लगभग ठप पड़ गई थीं.







