अडाणी ग्रुप की सामाजिक इकाई अडाणी फाउंडेशन ने आंध्र प्रदेश सरकार के P4 (Public-Private-People Partnership) कार्यक्रम से जुड़कर कुप्पम मंडल के कमजोर परिवारों को सहयोग देने का फैसला किया है. इस पहल में फाउंडेशन ‘मार्गदर्शी’ यानी गाइड और सहयोगी पार्टनर की भूमिका निभाएगा.
क्या है P4 मॉडल?
P4 पहल का मकसद गरीबी कम करना है. इसके तहत गरीब परिवारों को ऐसे संस्थानों और संगठनों से जोड़ा जाता है जो उन्हें टिकाऊ आजीविका बनाने में मदद कर सकें. इस बार कार्यक्रम का नाम रखा गया है “Transforming Lives Together: A P4 Model for Holistic Progress of Bangaru Kutumbams in Kuppam Mandal.” इसमें सभी 29 ग्राम पंचायतों और शहरी इलाकों को शामिल किया गया है.
फोकस किन मुद्दों पर
इस योजना का ध्यान छोटे उद्यम शुरू करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर है. आंध्र प्रदेश महिला अभिवृद्धि सोसाइटी (APMAS) इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रही है.
अडाणी फाउंडेशन का योगदान
फाउंडेशन पहले से ही आंध्र प्रदेश के करीब 150 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, जलवायु और सामुदायिक विकास पर काम कर रहा है. अब यह पहल राज्य सरकार के प्रयासों को और मजबूत करेगी ताकि कमजोर परिवार आत्मनिर्भर बन सकें.
मुख्यमंत्री की मौजूदगी
कुप्पम में कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गरीब परिवारों को सिलाई मशीनें, वेल्डिंग किट और कढ़ाई मशीनें बांटीं. उन्होंने अडाणी फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल सरकार के P4 जीरो पॉवर्टी अभियान की असली भावना को दर्शाती है.
प्रीति अडाणी का संदेश
अडाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अडाणी ने कहा कि असली प्रगति घर-परिवार से शुरू होती है. जब परिवारों को सही अवसर और सहयोग मिलता है तो वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मजबूत भविष्य बना सकते हैं.
कैसे मिलेगा लाभ?
इस कार्यक्रम के तहत परिवारों को उनकी क्षमता और स्थानीय बाजार के हिसाब से संपत्ति दी जाएगी. इसमें किराना दुकान, पशुधन, सिलाई मशीन और अन्य छोटे उद्यमों का सहयोग शामिल है. हर परिवार को ‘बंगारु मित्र’ नामक प्रशिक्षित सामुदायिक मार्गदर्शक भी मिलेगा, जो उन्हें बिजनेस प्लान बनाने, वित्तीय ज्ञान बढ़ाने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में मदद करेगा.
बड़ा लक्ष्य
समुदाय आधारित मार्गदर्शन, उद्यम विकास और सरकारी योजनाओं तक पहुंच को जोड़कर यह मॉडल परिवारों की आय स्थायी बनाने का लक्ष्य रखता है. इसे राज्यभर में लागू करने योग्य बनाया गया है ताकि गरीबी कम करने के लिए स्थानीय समाधान अपनाए जा सकें.
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अडाणी फाउंडेशन का परिचय
1996 से सक्रिय अडाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, जलवायु और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में काम कर रहा है. यह 22 राज्यों के 7,247 गांवों और शहरी इलाकों में 1.33 करोड़ लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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