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अडानी फाउंडेशन ने लॉन्च किया ‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क, महिला सशक्तिकरण में रहेगी इसकी बड़ी भूमिका

Women’s Health and Education: अडानी फाउंडेशन ने महिला सशक्तिकरण के लिए ‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क लॉन्च किया और गोलमेज बैठक में नई रणनीतियों पर चर्चा की.

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अडानी फाउंडेशन की मुहिम से जनजातियों-आदिवासियों को खासा लाभ हो रहा है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

अडानी फाउंडेशन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले 19 फरवरी 2025 को नई दिल्ली में महिला सशक्तिकरण पर एक राष्ट्रीय स्तर की गोलमेज बैठक का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रमुख हितधारकों को एकत्र किया गया, ताकि भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए रणनीतियाँ तैयार की जा सकें और नई साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके.

इस गोलमेज बैठक के दौरान, अडानी फाउंडेशन ने अपना ‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क पेश किया. यह एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण है, जिसे महिलाओं की ज़िंदगी के विभिन्न चरणों में उनके विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है.

महिला सशक्तिकरण पर ध्यान

अडानी फाउंडेशन ने 1996 से महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं, और इस दौरान कई ऐसी योजनाओं को लागू किया है जो महिलाओं की अलग-अलग जीवनकाल में आने वाली ज़रूरतों को पूरा करती हैं. शिशुावस्था, किशोरावस्था, युवा, मध्यवय, और वृद्धावस्था – हर एक चरण में महिलाओं के कल्याण के लिए फाउंडेशन काम कर रहा है.

इस दृष्टिकोण में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल निर्माण, और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए समग्र योजनाओं का निर्माण किया गया है. इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने और अपने परिवार के लिए सही फैसले ले सकें.

‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क

‘बटरफ्लाई इफेक्ट’ फ्रेमवर्क का उद्देश्य महिलाओं को उनके जीवन के विभिन्न चरणों में विकास के लिए समर्थन प्रदान करना है. यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके समग्र कल्याण को प्रोत्साहित करती है. इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर समर्थन देने की योजना है.

कार्यक्रम के दौरान अडानी फाउंडेशन ने अपनी रिपोर्ट ‘Supporting Her Exponential Empowerment (S.H.E.)’ भी जारी की, जो फाउंडेशन की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कोशिशों को उजागर करती है.

अडानी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता

अडानी फाउंडेशन के सीईओ, डॉ. अभिषेक लखताकिया ने इस अवसर पर कहा, “हमारे प्रयास महिलाओं के प्रत्येक जीवन चरण में उन्हें समान अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. यह गोलमेज बैठक महिला सशक्तिकरण के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी.”

फाउंडेशन का उद्देश्य ‘समावेशी’, ‘सतत’, और ‘परिवर्तनकारी’ बदलाव लाना है. अब तक, फाउंडेशन ने 2 मिलियन से अधिक लड़कियों और महिलाओं के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है.

अडानी फाउंडेशन, अडानी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा, 1996 से भारत भर में सशक्त सामाजिक निवेश करने में सक्रिय है. यह बच्चों, महिलाओं, युवाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सतत आजीविका, जलवायु परिवर्तन और समुदाय विकास के क्षेत्रों में योगदान दे रही है.

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