केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार (7 फरवरी) को कौशल भारत कार्यक्रम को और मजबूत करने के लिए 8,800 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण आवंटन को मंजूरी दी. इस फंडिंग का उद्देश्य देश की कौशल विकास पहलों को बढ़ाना और युवाओं के लिए उद्योग-संबंधित कौशल हासिल करने के अधिक अवसर पैदा करना है. कौशल भारत कार्यक्रम के तहत, तीन प्रमुख योजनाओं, PM कौशल विकास योजना 4.0 (PMKVY 4.0), PM राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (PM-NAPS) और कौशल विकास के लिए जन शिक्षण संस्थान को बढ़ावा दिया जाएगा.
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “युवाओं के लिए अवसर पैदा करना पीएम मोदी का मिशन है. इसलिए, 8,800 करोड़ रुपये के कौशल भारत कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है और इसका ध्यान संघटन और गुणवत्ता पर होगा.”
कौशल में बेहतरी और नए कौशलों के अवसरों पर जोर
PM कौशल विकास योजना 4.0 मांग-संचालित कौशल विकास पर केंद्रित है, जो युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल में प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट प्रदान करती है. इस योजना में अल्पकालिक प्रशिक्षण के साथ-साथ कौशल में बेहतरी और नए कौशलों के अवसरों पर भी जोर दिया जाएगा.
इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने वाले उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगी, जिससे व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से स्कूल से काम तक का सहज बदलाव सुनिश्चित होगा. यह प्रशिक्षु अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुरूप विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों को कवर करेगा.
कौशल विकास के लिए जन शिक्षण संस्थान, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए हाशिए पर पड़े समूहों को समुदाय-आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा. इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना है, लाभार्थियों के दरवाजे पर लचीले प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना है.
-भारत एक्सप्रेस
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