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देश में बिजली आपूर्ति में आया सुधार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अब और ज्‍यादा घंटों तक मिल रही बिजली: मनोहर लाल खट्टर

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति 22.6 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 23.4 घंटे हो जाएगी, जो 2014 की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है.

UP News

इलेक्ट्रिक लाइन: सांकेतिक फोटो

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में घोषणा की कि 2025 तक भारत में बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण सुधार होगा. उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बिजली की औसत आपूर्ति 2025 तक 22.6 घंटे प्रतिदिन होगी, जबकि 2014 में यह मात्र 12.5 घंटे थी. वहीं, शहरी क्षेत्रों में 2025 तक बिजली की आपूर्ति 23.4 घंटे प्रति दिन हो जाएगी, जो 2014 से ज्यादा होगी.

मनोहर लाल ने बताया कि सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत, जैसे कि “दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना” (DDUGJY), “प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना” (सौभाग्य), और “प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी महा अभियान” (PVTG), के माध्यम से बिजली आपूर्ति में सुधार किया है. इन योजनाओं के जरिए विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में बिजली की पहुंच बढ़ाई गई है.

फॉसल और गैर-फॉसल ऊर्जा में वृद्धि

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 में भारत की फॉसल आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 168 GW थी, जो 2025 तक बढ़कर 246 GW हो जाएगी, जो 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. वहीं, गैर-फॉसल ऊर्जा की क्षमता में 2014 में 80 GW से बढ़कर 2025 तक लगभग 220 GW हो जाएगी, जो 180 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

ट्रांसमिशन नेटवर्क, विद्युत आयात-निर्यात

भारत ने विद्युत आयात में कमी और निर्यात में वृद्धि की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. 2014 में बिजली का आयात 5,555 MU और निर्यात 2,288 MU था, जबकि 2025 तक निर्यात 9,980 MU तक पहुंचने का अनुमान है.

ऊर्जा नुकसान में कमी और स्मार्ट मीटर

ऊर्जा वितरण कंपनियों द्वारा किए गए सुधारों के कारण AT&C (एटी एंड सी) नुकसान 2014 में 22.62 प्रतिशत से घटकर 2025 में 15 प्रतिशत रह जाएंगे, और 2030 तक इसे 10 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य है. इसके अलावा, लगभग 2.13 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जो बिजली की खपत को बेहतर तरीके से मापने और वितरण में सुधार करने में मदद करेंगे.

कार्बन उत्सर्जन में कमी और ऊर्जा दक्षता

मनोहर लाल ने यह भी कहा कि 2014 से अब तक ऊर्जा की खपत में 53 MTOE की बचत हुई है, जिससे 321 मिलियन टन CO2 के उत्सर्जन में भी कमी आई है. सरकार ने वाणिज्यिक और आवासीय भवनों के लिए सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड लागू किया है, जिससे ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा.

इलेक्ट्रिक वाहन (EV), भविष्य की योजनाएं
मनोहर लाल ने बताया कि सरकार 2030 तक 1 लाख इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना करेगी. यह कदम भारत के परिवहन क्षेत्र को बिजली आधारित बनाने के लिए उठाया जा रहा है.



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