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संयुक्त राष्ट्र में भारत का कड़ा जवाब: पाकिस्तान ने 1960 की सिंधु जल संधि की भावना को युद्ध और आतंक से किया तार-तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा कि उसने तीन युद्ध और हजारों आतंकी हमलों के जरिए सिंधु जल संधि की भावना का उल्लंघन किया है.

Indus Water Treaty
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है, जिनमें नई दिल्ली द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले को गलत बताया जा रहा था. भारत ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान ने पिछले छह दशकों में न केवल तीन युद्ध थोपे हैं, बल्कि हजारों आतंकी हमले भी किए हैं, जो सिंधु जल संधि की मूल भावना का खुला उल्लंघन है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि, राजदूत पी. हरीश ने कहा कि भारत ने हमेशा एक जिम्मेदार अपस्ट्रीम देश (upper riparian state) के रूप में काम किया है, लेकिन पाकिस्तान ने इस संधि का बार-बार दुरुपयोग किया है. उन्होंने कहा, “भारत ने यह संधि 65 साल पहले अच्छे विश्वास और मित्रता की भावना से की थी. लेकिन इन वर्षों में पाकिस्तान ने न केवल इसका उल्लंघन किया, बल्कि आतंकवाद के जरिए भारत को लगातार नुकसान पहुंचाया है.”

उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में भारत में 20,000 से ज्यादा नागरिक आतंकवाद की भेंट चढ़ चुके हैं. हाल ही में पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ हमला इसका ताजा उदाहरण है. पी. हरीश ने कहा, “पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद न केवल नागरिकों की जान ले रहा है, बल्कि भारत की धार्मिक एकता और आर्थिक विकास को भी बाधित कर रहा है.”

भारत के अनुसार, दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इन 65 वर्षों में वैश्विक परिस्थितियों में भारी बदलाव आया है—चाहे वह ऊर्जा की बढ़ती ज़रूरतें हों, जलवायु परिवर्तन हो या जनसंख्या वृद्धि. लेकिन पाकिस्तान ने हर बार किसी भी तरह के परिवर्तन या संशोधन का विरोध किया है, जो कि संधि के तहत पूरी तरह वैध हैं. उन्होंने बताया कि 2012 में जम्मू-कश्मीर के तुलबुल परियोजना पर आतंकियों ने हमला तक कर दिया था.

तीसरा अहम बिंदु यह है कि हाल के दो वर्षों में भारत ने कई बार संधि में जरूरी बदलावों पर चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार टालमटोल और रुकावट की नीति अपनाई. पी. हरीश ने कहा, “पाकिस्तान की यह रुकावट भरी नीति भारत को अपने वैध अधिकारों का पूरा उपयोग करने से रोक रही है.”

अंत में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि सिंधु जल संधि को तब तक निलंबित रखा जाएगा जब तक पाकिस्तान, जो कि वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है, आतंकवाद के समर्थन को पूरी तरह और भरोसेमंद तरीके से बंद नहीं करता.

-भारत एक्सप्रेस



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