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India-UK FTA से JLR को भारत में बढ़ेगा फायदा, तीन साल में बिक्री दोगुनी करने का लक्ष्य

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से JLR को भारत में आयातित मॉडल पेश करने में मिलेगी राहत, कंपनी अगले तीन साल में बिक्री दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम कर रही है.

India UK FTA
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता जगुआर लैंड रोवर (JLR) का मानना है कि भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से कंपनी को भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस समझौते के चलते JLR अब भारत में और अधिक आयातित मॉडल पेश कर पाएगी, जिससे उसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में वार्षिक बिक्री को दोगुना करने का है.

JLR इंडिया ने वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी की रिटेल बिक्री में 40% की वृद्धि हुई और कुल 6,183 गाड़ियाँ बेची गईं. वहीं होलसेल वॉल्यूम 39% बढ़कर 6,266 यूनिट्स पर पहुंच गया. इसके साथ ही JLR ने ऑडी को पीछे छोड़ते हुए भारत की तीसरी सबसे बड़ी लक्ज़री कार कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है.

‘भारत में निवेश बढ़ाने का समय’

JLR के चीफ कमर्शियल ऑफिसर लेनार्ड हॉरनिक ने कहा, “हम इस FTA को लेकर बेहद उत्साहित हैं. यह भारत जैसे महत्वपूर्ण बाजार पर हमारा ध्यान और केंद्रित करेगा. हम भारत में निवेश बढ़ाने के लिए तैयार हैं और रिटेल नेटवर्क को दोगुना करना चाहते हैं.”

हालांकि उन्होंने निवेश की विस्तृत योजना साझा नहीं की, लेकिन यह स्पष्ट किया कि कंपनी भारत में अपने मार्केटिंग निवेश को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा रही है. फिलहाल भारत में पूरी तरह से बनी हुई कारों (CBU) पर 110% आयात शुल्क लगाया जाता है. नए समझौते के तहत यूके में बनी कारों पर यह शुल्क धीरे-धीरे कम किया जाएगा.

Defender SUV को नहीं मिलेगा लाभ

JLR के अधिकतर मॉडल भारत में असेम्बल होते हैं, केवल Defender SUV यूरोप से आयात की जाती है. चूंकि यह यूरोप से आती है, इसलिए FTA के तहत इसे शुल्क में कोई राहत नहीं मिलेगी. हालांकि भविष्य में इसे भारत में भी असेम्बल करने की योजना है.

JLR अगले 12 से 18 महीनों में आठ नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें नए और अपडेटेड मॉडल शामिल होंगे. इसमें कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार Jaguar Type 00 और Range Rover Electric SUV भी शामिल हैं.

जबकि दुनियाभर की कई कंपनियाँ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर सतर्क हो गई हैं, JLR अब भी इस दिशा में बड़ा निवेश कर रही है. हॉरनिक ने कहा, “हम लचीले पावरट्रेन स्ट्रैटेजी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे EV और ICE दोनों में संतुलन बना रहे. सबसे मुश्किल बात है ग्राहकों की मांग का पूर्वानुमान लगाना.”

FTA लागू होने तक नई आयातित गाड़ियों की लॉन्चिंग टली

JLR इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन अम्बा ने बताया कि जब तक भारत-यूके FTA पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, कंपनी नई आयातित गाड़ियों को लॉन्च करने की योजनाओं को फिलहाल टाल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी यह स्पष्टता चाहती है कि FTA के तहत कितनी गाड़ियाँ कम शुल्क पर सालाना आयात की जा सकती हैं.

“FTA निश्चित रूप से आयातित मॉडलों के लिए अनुकूल माहौल बनाएगा, लेकिन जब तक पूरी शर्तें स्पष्ट नहीं होतीं, निर्णयों में थोड़ी देरी होगी,” अम्बा ने कहा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल कंपनी के पास और मॉडलों के स्थानीय निर्माण की कोई योजना नहीं है. JLR इंडिया के पास इस समय 4,000 गाड़ियों का ऑर्डर बैक-लॉग है. कंपनी का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में सालाना बिक्री को 15,000 से 18,000 यूनिट तक पहुंचाया जाए.

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-भारत एक्सप्रेस



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