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ईपीएफओ को लेकर श्रम मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट, अब सदस्यों को मिल सकता है अधिक रिटर्न

सीबीटी ने ईपीएफ अंशदान के केंद्रीकृत संग्रह के लिए बैंकों को पैनल में शामिल करने के मानदंडों को सरल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है.

EPFO

ईपीएफओ से पिछले साल नवंबर में जुड़े 14.63 लाख सदस्य.

श्रम मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने अपने ग्राहकों के लिए अधिक आय उत्पन्न करने के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) निवेश के लिए मोचन नीति को मंजूरी दे दी है.

50 फीसदी राशि को दोबारा निवेश करने की मंजूरी

सूत्रों ने बताया कि सीबीटी ने ईटीएफ से प्राप्त 50% राशि को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और भारत 22 फंड में पुनः निवेश करने को मंजूरी दे दी है. नीति के अनुसार फंड को कम से कम पांच साल तक रखना अनिवार्य है.सूत्रों ने बताया कि शेष राशि को अन्य वित्तीय साधनों, जैसे सरकारी प्रतिभूतियों और कॉर्पोरेट बांडों में निवेश किया जाएगा. मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीबीटी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा विनियमित सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम-प्रायोजित बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्टों (इनविट्स)/रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (आरईआईटी) द्वारा जारी इकाइयों में निवेश के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है .

बोर्ड ने ईपीएफ योजना, 1952 में एक महत्वपूर्ण संशोधन को भी मंजूरी दी. मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, हर महीने की 24 तारीख तक निपटाए गए दावों के लिए, ब्याज का भुगतान केवल पिछले महीने के अंत तक ही किया जाता है. अब, निपटान की तारीख तक सदस्य को ब्याज का भुगतान किया जाएगा. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इससे सदस्यों को वित्तीय लाभ होगा और शिकायतें कम होंगी.

की गई ये सिफारिश

इसके अलावा, सीबीटी ने केंद्र सरकार को ईपीएफओ एमनेस्टी स्कीम 2024 की सिफारिश की है. यह योजना नियोक्ताओं को स्वेच्छा से पूर्व में किए गए गैर-अनुपालन या कम-अनुपालन को बिना किसी दंड या कानूनी परिणाम का सामना किए, प्रकट करने और सुधारने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है.

यह माफी योजना केंद्रीय बजट 2024-25 में घोषित रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन का समर्थन करेगी, ताकि रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा सके और अर्थव्यवस्था में नौकरियों के औपचारिककरण को प्रोत्साहित किया जा सके . विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह उम्मीद की जाती है कि कई छोटे प्रतिष्ठान ( एमएसएमई क्षेत्र के तहत या अन्यथा) ईएलआई योजना के तहत लाभ उठाना चाहेंगे, लेकिन ईपीएफओ के तहत नामांकन करने में चिंतित होंगे.

बोर्ड ने 28 अप्रैल, 2024 से पूर्वव्यापी प्रभाव से ईडीएलआई (कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा) लाभों के विस्तार की भी पुष्टि की. इस योजना के तहत, मृत्यु के मामले में सदस्य के आश्रितों को 2.5 लाख रुपये से 7 लाख रुपये तक का बीमा कवर प्रदान किया जाता है. 6,385.74 करोड़ रुपये के अधिशेष का संकेत देने वाले एक्चुरियल मूल्यांकन द्वारा समर्थित प्रस्ताव को ईपीएफ सदस्यों को निर्बाध लाभ सुनिश्चित करने के लिए मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा, ऑटो दावा निपटान सुविधा की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है, जिसमें आवास, विवाह और शिक्षा के लिए अग्रिम राशि लेने वाले लोग भी शामिल हैं.

सीबीटी ने ईपीएफ अंशदान के केंद्रीकृत संग्रह के लिए बैंकों को पैनल में शामिल करने के मानदंडों को सरल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. इसमें अब आरबीआई के साथ सूचीबद्ध सभी एजेंसी बैंक शामिल होंगे. इसके अतिरिक्त, सीबीटी ने अन्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को भी पैनल में शामिल करने को मंजूरी दी है जो आरबीआई एजेंसी बैंक नहीं हैं, लेकिन कुल ईपीएफओ संग्रह में उनकी न्यूनतम हिस्सेदारी 0.2% है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मानदंड को पहले के 0.5% से शिथिल कर दिया गया है.

सीपीपीएस को लागू करने को मंजूरी

बोर्ड ने 1 जनवरी, 2025 से केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (सीपीपीएस) को पूरी तरह से लागू करने को भी मंजूरी दे दी है. सीपीपीएस को ईपीएफओ की आईटी आधुनिकीकरण परियोजना के हिस्से के रूप में लागू किया जाना है, जिससे ईपीएफओ के 7.8 मिलियन से अधिक ईपीएस पेंशनभोगियों को लाभ होगा, जिसमें पूरे भारत में सुव्यवस्थित पेंशन वितरण, पेंशनभोगियों को देश भर में किसी भी बैंक या शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त करने की अनुमति देना, दावा प्रसंस्करण में तेजी लाना और सत्यापन या दावा प्रस्तुत करने के लिए बैंक जाने की आवश्यकता को समाप्त करना शामिल है.

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वित्त वर्ष 2024 के दौरान ईपीएफओ ने 1.82 लाख करोड़ रुपये की राशि के 44.5 मिलियन दावों का निपटारा किया. चालू वित्त वर्ष में 1.57 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 38.3 मिलियन दावों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है.

-भारत एक्सप्रेस



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