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ASUSE द्वारा पेश किए गए आंकड़े देखकर आपको भी खुशी होगी. आंकड़े यह दर्शाते हैं कि देश में छोटे व्यवसायों का क्षेत्र न केवल रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डिजिटल परिवर्तन और महिला उद्यमिता के लिए भी एक बड़ा अवसर साबित हो रहा है.

अप्रैल-अक्टूबर (FY25) में NRI डिपॉजिट स्कीम्स में कुल 11.89 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जिससे अक्टूबर 2024 तक इन खातों में कुल शेष राशि बढ़कर 162.69 बिलियन हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 143.48 बिलियन डॉलर थी.

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के एसेट्स का विकास 2025 में भी जारी रहने की संभावना है. रिटेल निवेशकों के बीच बढ़ती पैठ और सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIPs) के माध्यम से इक्विटी फंड्स में बढ़ते फ्लो इसकी मुख्य वजह बनेंगे.

RBI की इस रिपोर्ट को डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा सहित अन्य विशेषज्ञों ने तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि तीसरी तिमाही में त्योहारी गतिविधियों और ग्रामीण मांग में निरंतर सुधार के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कई नई योजनाएं शुरू कीं. इनमें AI से चलने वाली हेल्पलाइन और भ्रामक विज्ञापनों का पता लगाने वाले टूल शामिल हैं.

अगले वर्ष 2025 में भारतीय आईटी क्षेत्र के लिए सुधार और वृद्धि का एक सुनहरा मौका दिख रहा है, खासकर AI और डेटा साइंस जैसी विशेषज्ञता के साथ. यहां समझिए कैसे कुछ सकारात्मक बदलाव होंगे.

2024 में भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में प्राइवेट इक्विटी निवेश 10% बढ़कर 4.3 बिलियन डॉलर पहुंचा, जिसमें 88% हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों की रही. औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स सेक्टर प्रमुख रहा, जबकि डेटा सेंटर और लाइफ साइंसेज जैसे वैकल्पिक क्षेत्रों में भविष्य में तेजी की संभावना है.

नागपुर मेट्रो ने अपनी बढ़ती यात्रियों की संख्या और डिजिटल लेन-देन में वृद्धि के साथ शहर में परिवहन का पसंदीदा साधन बनने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. यह अन्य मेट्रो सिस्टम के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है.

यह उपलब्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वित्तीय बाजारों के प्रदर्शन को दर्शाती है. हालांकि, इस साल भारतीय शेयर और बॉन्ड बाजारों के लिए दो अलग-अलग हिस्सों वाला साल रहा.

भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) ने हाल के वर्षों में निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है. यह क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में भारत की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.