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मार्केट खुलते ही आया ‘तूफान’, भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने कराई सारी रिकवरी, सेंसेक्स-निफ्टी ने रचा इतिहास

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में सुनामी जैसी तेजी. सेंसेक्स 3647 अंक उछलकर 85,314 के पार, रुपया भी हुआ मजबूत. जानें मार्केट की इस तूफानी रिकवरी की पूरी इनसाइड स्टोरी.

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Share Market Recovery Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का सूरज एक नई उम्मीद और ‘ऐतिहासिक मुनाफे’ की किरण लेकर आया है. पिछले कई महीनों से जो बाजार अमेरिकी टैरिफ और अनिश्चितता के बोझ तले दबा हुआ था, उसने आज महज कुछ ही मिनटों में उन सारे जख्मों को भर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े ऐलान ने भारतीय दलाल स्ट्रीट पर ऐसी ‘सुनामी’ ला दी कि सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी दर्ज की है.

ट्रंप के एक पोस्ट से बदला बाजार का मिजाज

बाजार में इस भूचाल की असली वजह सात समुंदर पार से आई. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर जैसे ही भारत के लिए टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान किया, भारतीय बाजार रॉकेट बन गए. ट्रंप ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को घटाकर 18% करने और 25% के पुराने रेसीप्रोकल टैरिफ को हटाने की बात कही है. इस खबर ने उन सभी आशंकाओं को खत्म कर दिया जो महीनों से निवेशकों को डरा रही थीं.

सेंसेक्स 3600 अंक उछला, हर तरफ सिर्फ ‘हरियाली’

बाजार के प्री-ओपनिंग सेशन में ही तेजी के जो संकेत मिले थे, वो बाजार खुलते ही ‘तूफान’ में बदल गए. सेंसेक्स 3647 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त के साथ 85,314 के स्तर पर जा पहुँचा. वहीं निफ्टी ने भी 3% से ज्यादा की छलांग लगाई.

सबसे बड़ी बात ये रही कि सेंसेक्स की सभी 30 की 30 दिग्गज कंपनियां हरे निशान में कारोबार कर रही थीं. ऐसा नज़ारा बाजार में कम ही देखने को मिलता है जब हर तरफ सिर्फ और सिर्फ खरीदार ही नजर आएं.

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निवेशकों की झोली में आए लाखों करोड़

बाजार की इस रफ़्तार ने निवेशकों की संपत्ति में महज कुछ मिनटों में लाखों करोड़ रुपये जोड़ दिए. अडानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस और इटरनल जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में ऐसी खरीदारी हुई कि सर्किट लगने जैसी नौबत आ गई. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो विदेशी निवेशक (FII) पिछले साल 18 बिलियन डॉलर निकालकर चले गए थे, वे अब फिर से भारतीय बाजार में पैसा झोंकने के लिए तैयार बैठे हैं.

डॉलर पस्त, रुपया हुआ मस्त

इस ट्रेड डील का असर सिर्फ शेयरों पर ही नहीं, बल्कि भारतीय करेंसी पर भी जबरदस्त दिखा. डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1.2% मजबूत होकर 90.42 के स्तर पर आ गया है. रुपये की इस मजबूती से अब आयात सस्ता होगा और देश की इकोनॉमी को दोहरा फायदा मिलेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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