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अमेरिकी टैरिफ से लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 230 अंक और निफ्टी 73 अंक टूटा, ऑटो-एनर्जी सेक्टर पर दबाव

Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ खुला. सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी, ऑटो और एनर्जी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव बना रहा. अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने का भी बाजार पर असर पडा.

Indian Stock Market: अमेरिकी टैरिफ से लाल निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 230 अंक और निफ्टी 73 अंक टूटा, ऑटो-एनर्जी सेक्टर पर दबाव - भारत एक्सप्रेस

Indian Stock Market:भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला. सुबह 9:23 पर सेंसेक्स 230 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,313 और निफ्टी 73 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,501 पर था.

बिकवाली का दबाव बढ़ा

शेयर बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है. शुरुआती कारोबार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 1,671 शेयर लाल निशान में, 548 शेयर हरे निशान में और 83 शेयरों में बिना किसी बदलाव के कारोबार हो रहा था.

ऑटो और एनर्जी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

गिरावट का अधिक दबाव ऑटो और एनर्जी शेयरों में देखा जा रहा है. दोनों ही इंडेक्स 0.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, रियल्टी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा, कमोडिटी और पीएसई इंडेक्स लाल निशान में थे, जबकि आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, मीडिया और हेल्थकेयर हरे निशान में थे.

मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों में गिरावट

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 121 अंक या 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,628 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 28 अंक या 0.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,639 पर था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय निर्यात पर टैरिफ को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है, जो कि पहले 25 प्रतिशत था.

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विशेषज्ञ की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार ने कहा, “अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के लिए 21 दिन की अवधि, अमेरिका के साथ बातचीत और अंततः समझौते की गुंजाइश छोड़ती है. हालांकि, व्यापार नीति को लेकर भारी अनिश्चितता है और दोनों देश किस हद तक समझौता करने को तैयार होंगे, यह भी अनिश्चित है.”

उन्होंने आगे कहा , “बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना कम है, लेकिन निकट भविष्य में कमजोरी बनी रहेगी. फिलहाल अनिश्चितता ज्यादा है, इसलिए निवेशकों को अपने रुख में सावधानी बरतनी चाहिए. कम से कम निकट भविष्य में, निर्यात से जुड़े क्षेत्र कमजोर ही रहेंगे. बैंकिंग और वित्तीय, दूरसंचार, होटल, सीमेंट, पूंजीगत वस्तुएं और ऑटोमोबाइल जैसे घरेलू उपभोग क्षेत्र मजबूत बने रहेंगे.”

एशिया के ज्यादातर बाजार हरे निशान पर

एशिया के ज्यादातर बाजार हरे निशान में थे. टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी बाजार बुधवार को हरे निशान में बंद हुए थे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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