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वित्त वर्ष 2025 में भारत में सक्रिय कंपनियों की संख्या 1.62 लाख के पार

अप्रैल 2024-फरवरी 2025 की अवधि में, 1,41,675 कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं, जिससे पेड-अप कैपिटल में लगभग 3.36 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई. औद्योगिक क्षेत्र ने पेड-अप कैपिटल का 82 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व किया.

देश में औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों से जुड़ी सक्रिय कंपनियों की संख्या 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2025 में 1,62,800 से अधिक दर्ज की गई है. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, नए बिजनेस रजिस्ट्रेशन में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसमें कुल नए रजिस्ट्रेशन में सर्विस सेक्टर का दो तिहाई हिस्सा रहा

अप्रैल 2024-फरवरी 2025 की अवधि में, 1,41,675 कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं, जिससे पेड-अप कैपिटल में लगभग 3.36 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई. औद्योगिक क्षेत्र ने पेड-अप कैपिटल का 82 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व किया. अप्रैल-फरवरी की अवधि में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, माइनिंग, मेटल और केमिकल जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रमुख निवेश आया.

31 जनवरी तक देश में कुल 28,05,354 कंपनियां रजिस्टर्ड

इसी बीच 31 जनवरी तक देश में कुल 28,05,354 कंपनियां रजिस्टर्ड थीं, जिनमें से 65 प्रतिशत (18,17,222) कंपनियां सक्रिय थीं, जो दिसंबर 2024 की तुलना में सक्रिय कंपनियों के कुल अनुपात में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि है. देश में 31 जनवरी तक 5,216 विदेशी कंपनियां भी रजिस्टर्ड थीं और उनमें से 63 प्रतिशत या 3,281 संस्थाएं सक्रिय थीं. कुल कंपनियों में प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की हिस्सेदारी 96 प्रतिशत है, जो कुल पेड-अप कैपिटल का 38 प्रतिशत है.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों की तुलना में पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की संख्या (4 प्रतिशत) कम है, लेकिन कुल पेड-अप कैपिटल का 62 प्रतिशत हिस्सा है. सेक्टर-वाइज क्लासिफिकेशन से पता चलता है कि 27 प्रतिशत कंपनियां बिजनेस सर्विस में हैं, जो कि सबसे अधिक है. इसके बाद 20 प्रतिशत कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग में हैं. इसके अलावा, ट्रेडिंग एंड कम्युनिटी, पर्सनल एंड सोशल सर्विस में 13 प्रतिशत कंपनियां हैं.

महाराष्ट्र सक्रिय कंपनियों की कुल संख्या में सबसे आगे

मंत्रालय के बयान के अनुसार, “यह भी देखा गया है कि सेवा क्षेत्र में सक्रिय कंपनियों की कुल संख्या में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, उसके बाद उद्योग क्षेत्र और कृषि क्षेत्र का स्थान है. सेवा क्षेत्र में, समुदाय, व्यक्तिगत और सामाजिक सेवा क्षेत्र में सक्रिय कंपनियों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई.” राज्यवार आंकड़ों से पता चलता है कि सक्रिय कंपनियों की कुल संख्या में महाराष्ट्र सबसे आगे है, दिल्ली दूसरे स्थान पर है, उसके बाद उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का स्थान है.


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-भारत एक्सप्रेस



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