महू में हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश
रिपोर्ट— जय व्यास
मध्य प्रदेश में इंदौर के नजदीक महू में पुलिस ने एक हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल किया. अभी मुख्य आरोपी भावना भार्गव और उसके दो साथी साधना गुप्ता व विजय तिलवारे को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पूर्व सैनिक बना शिकार
बड़गोंदा थाना क्षेत्र में यह मामला दर्ज हुआ. गिरोह ने सेना के पूर्व सैनिक दीपक को अपना शिकार बनाया. आरोपी भावना ने खुद को जान-पहचान वाला बताकर दीपक से संपर्क किया. कुछ दिनों तक बातचीत करने के बाद उसने दीपक को केलोद स्थित एक फार्म हाउस पर बुलाया.
ये था फंसाने का तरीका
जैसे ही दीपक फार्म हाउस पहुंचा, भावना के साथी साधना और विजय भी वहां पहुंच गए. तीनों ने मिलकर पूर्व सैनिक पर गलत काम का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी. उन्होंने दो लाख रुपये की मांग की. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिल गई और तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस की जांच में पता चला कि यह कोई एक मामला नहीं है. गिरोह ने कई लोगों को फंसाया था. वे डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया पर नंबर जुटाकर लोगों को टारगेट करते थे. गिरोह में एक वकील भी शामिल बताया जा रहा है, जो थाने में जाकर पीड़ितों को डराता और रकम वसूलता था.
व्यापारी से भी की वसूली
इस गिरफ्तारी से सिर्फ तीन घंटे पहले गिरोह ने इंदौर के एक व्यापारी को भी इसी तरीके से फंसाकर 28 हजार रुपये वसूल लिए थे. पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच कर रही है. अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.
इंदौर ग्रामीण के पुलिस अधिकारी उमाकांत चौधरी ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस को आशंका है कि कई और लोग शर्म की वजह से इस गिरोह का शिकार बनकर भी पुलिस तक नहीं पहुंचे होंगे.
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