शहडोल, श्योपुर और खरगोन...तीनों जिलों में नौकरी कर रहे थे डॉ. महेश शर्मा
शहडोल/मध्य प्रदेश, 7 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे से एक ऐसा हैरान कर देने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने सिस्टम की सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. राज्य में एक संविदा डॉक्टर द्वारा नियमों को ताक पर रखकर एक ही समय में तीन अलग-अलग जिलों में सरकारी नौकरी करने और हर महीने चुपचाप मोटा वेतन डकारने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है.
लोकायुक्त की शुरुआती कार्रवाई के बाद जब इस घोटाले की परतें खुलीं, तो जांच अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए. इमेज में आरोपी डॉक्टर महेश चंद्र शर्मा की तस्वीर और जयसिंहनगर शहडोल के 50 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की मुख्य इमारत को साफ देखा जा सकता है, जो इस पूरे घोटाले का मुख्य केंद्र बना हुआ है.
लोकायुक्त की कार्रवाई से खुली घोटाले की परतें
यह पूरा मामला जयसिंहनगर ब्लॉक के उप स्वास्थ्य केंद्र उफरी में पदस्थ संविदा मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर 9 फरवरी 2024 से शहडोल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत ₹65,000 प्रतिमाह की संविदा सैलरी ले रहे थे. लोकायुक्त की जांच में पहले श्योपुर जिले से साल 2021 से लगातार वेतन लेने का खुलासा हुआ था, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ने पर तीसरे जिले खरगोन में भी उनकी पदस्थापना के पुख्ता रिकॉर्ड मिले हैं.
कलेक्टर ने दिए सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश
शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह ने इस गंभीर धोखाधड़ी का तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को तीनों जिलों के रिकॉर्ड खंगालने के कड़े निर्देश दिए हैं. कलेक्टर केदार सिंह ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि मामले की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है और श्योपुर व खरगोन प्रशासन से संपर्क साधा जा रहा है. जांच रिपोर्ट आते ही आरोपी संविदा डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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