Model School JEE NEET Preparation: 12वीं के बाद एक अच्छी डिग्री और सुरक्षित करियर हर छात्र का सपना होता है, लेकिन हकीकत की राह इतनी आसान नहीं है. इंजीनियरिंग के लिए JEE और मेडिकल के लिए NEET जैसी परीक्षाएं आज के समय में देश की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक मानी जाती हैं. हर साल लाखों छात्र अपनी किस्मत आजमाते हैं, पर सीटों की मारामारी और बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण सफलता मुट्ठी भर लोगों के हाथ ही लगती है.
अक्सर देखा जाता है कि इन परीक्षाओं को पास करने के लिए छात्र कोटा या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करते हैं, जहाँ कोचिंग की फीस और रहने का खर्च लाखों में पहुँच जाता है. यह खर्च उठाना हर किसी के बस की बात नहीं है, खासकर बिहार के ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के लिए यह एक दीवार बन जाता है. नतीजा यह होता है कि कई होनहार छात्र सिर्फ संसाधनों की कमी के चलते पीछे रह जाते हैं.
अब हर ब्लॉक में ‘मॉडल स्कूल’
इसी फासले को पाटने के लिए बिहार सरकार ने एक क्रांतिकारी फैसला लिया है. अब राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कोचिंग के लिए दर-दर नहीं भटकना होगा. सरकार राज्य के सभी 534 ब्लॉकों में एक-एक ‘मॉडल स्कूल’ खोलने जा रही है. इन स्कूलों का मकसद ही यह है कि जो सुविधाएं बड़े शहरों के महंगे कोचिंग सेंटरों में मिलती हैं, वे अब गांव के प्रतिभावान बच्चों को घर के पास ही मिल सकें.
9वीं क्लास से ही कसी जाएगी कमर
इस योजना की सबसे दिलचस्प बात इसकी टाइमिंग है. आमतौर पर छात्र 11वीं या 12वीं में आने के बाद तैयारी शुरू करते हैं, तब तक समय कम और सिलेबस का पहाड़ खड़ा होता है. लेकिन अब इन मॉडल स्कूलों में 9वीं कक्षा से ही बच्चों की नींव तैयार की जाएगी.
इन स्कूलों में केवल किताबी पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि:
अनुभवी विषय विशेषज्ञ: छात्रों को पढ़ाने के लिए खास एक्सपर्ट्स तैनात किए जाएंगे.
आधुनिक सुविधाएं: डिजिटल लाइब्रेरी और हाई-टेक स्टडी मैटेरियल उपलब्ध होगा.
रेगुलर टेस्ट सीरीज: परीक्षा के डर को निकालने के लिए समय-समय पर मॉक टेस्ट और डाउट सेशन चलेंगे.
करियर काउंसलिंग: बच्चों को सही दिशा दिखाने के लिए गाइडेंस भी दी जाएगी.
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कैसे होगा एडमिशन?
अगर आप सोच रहे हैं कि इसमें एडमिशन कैसे मिलेगा, तो बता दें कि यहां एंट्री सीधे नहीं होगी. इसके लिए एक प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसका जिम्मा ‘राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद’ (SCERT) को सौंपा गया है. इस परीक्षा में जो छात्र मेरिट लिस्ट में जगह बनाएंगे, उन्हीं को मॉडल स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि कक्षा में पढ़ाई का स्तर ऊंचा बना रहे और काबिल बच्चों को सही माहौल मिले.
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-भारत एक्सप्रेस
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