IIT दिल्ली में छात्रों का फूटा गुस्सा
IIT Delhi Student Death: IIT दिल्ली में एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. निदेशक के साथ हुई बैठक के बाद छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे स्वतंत्र जांच समिति के गठन का स्वागत करते हैं, लेकिन जांच का दायरा और बड़ा होना चाहिए.
जांच समिति पर छात्रों की मांग
छात्रों ने कहा कि समिति के मौजूदा कार्यादेश में ऋषिकेश की मां द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच का स्पष्ट उल्लेख नहीं है. उनका कहना है कि समिति को इन आरोपों की गंभीरता का मूल्यांकन करना चाहिए और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए. साथ ही, छात्रों ने स्वतंत्र जांच समिति के अध्यक्ष को बदलने और समिति में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग की है.
निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने जांच पूरी होने तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक्टिंग एसोसिएट डीन हॉस्टल मैनेजमेंट और एक्टिंग एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर की नियुक्ति की मांग रखी है. अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने पूर्व न्यायाधीशों जस्टिस एस. मुरलीधर, जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस आशा मेनन के नाम सुझाए हैं.
मुआवजे को लेकर विवाद
छात्रों की एक प्रमुख मांग ऋषिकेश के परिवार को उचित मुआवजा देने की है. प्रशासन ने बेनेवोलेंट फंड, मेडिकल खर्च का कवरेज और फंडरेजर के जरिए राशि जुटाने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन छात्रों का कहना है कि एक करोड़ रुपये की राशि जुटाने की जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी चाहिए. साथ ही, समयसीमा तय करनी होगी और अगर फंडरेजर से पूरी रकम नहीं आती तो बाकी राशि जुटाने के लिए वैकल्पिक उपाय करने की स्पष्ट गारंटी देनी होगी.
डीन के इस्तीफे पर अड़े छात्र
छात्रों ने एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर के इस्तीफे की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से उन्हें ऋषिकेश की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे, लेकिन उनका आरोप है कि छात्रों की नैतिक प्रोफाइलिंग, असंवेदनशील टिप्पणियां और मदद मांगने वाले छात्रों को फटकारने से संस्थान का सपोर्ट सिस्टम कमजोर हुआ है. छात्रों ने ईमेल, संदेश और गवाहियों के जरिए ऐसे साक्ष्य जुटाने की बात कही है.
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पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति
छात्रों ने दिल्ली पुलिस द्वारा सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों की रिकॉर्डिंग किए जाने की निंदा की है. उनका कहना है कि IIT प्रशासन को छात्रों के प्रदर्शन और न्याय की मांग करने के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए. छात्रों ने संस्थान में छात्र-केंद्रित सेवाओं में बड़े बदलाव की भी मांग की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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