उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) 2025 के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. अभी तक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 600-600 रुपये शुल्क तय था, जिसे अब बढ़ाकर 1700-1700 रुपये करने की तैयारी है.
दोनों स्तरो के लिए कुल 3400 रुपये का शुल्क
इस हिसाब से यदि कोई अभ्यर्थी दोनों स्तर की परीक्षा में शामिल होना चाहता है तो उसे कुल 3400 रुपये का भुगतान करना होगा. सेवा चयन आयोग ने इस प्रस्ताव को शासन को भेज दिया है जिसका मुख्य कारण बढ़ते हुए खर्च को बताया है.
आयोग का कहना है कि परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से आयोजित करने में पहले की तुलना में अधिक धनराशि की आवश्यकता होगी. शासन ने भी 19 जून 2024 को जारी आदेश में सभी चयन बोर्ड और भर्ती आयोगों को निर्देश दिया था कि परीक्षा प्रक्रिया को शुचितापूर्ण बनाने के लिए नई व्यवस्थाएँ लागू की जाएँ.
इन्हीं व्यवस्थाओं के तहत आयोग ने अप्रैल 2025 में लंबित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा कराई थी, जिसमें पहले से कहीं अधिक खर्च सामने आया. अब उसी अनुभव के आधार पर यूपी-टीईटी के लिए भी अतिरिक्त बजट की ज़रूरत बताई जा रही है.
4 एजेंसियों में बाँटी जाएगी परीक्षा की जिम्मेदारी
इस नई प्रणाली के अनुसार, परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी को देने के बजाय चार अलग-अलग एजेंसियों में बाँटी जाएगी. जिसमें पहली एजेंसी प्रश्नपत्र तैयार कर उसे छपवाएगी और जिलों के कोषागार तक पहुँचाएगी. फिर दूसरी एजेंसी कोषागार से प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने और परीक्षा सम्पन्न कराने के बाद ओएमआर शीट आयोग तक पहुँचाने की जिम्मेदारी संभालेगी.
तीसरी एजेंसी सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की देखरेख करेगी, जबकि चौथी एजेंसी आयोग परिसर में ओएमआर शीट स्कैन कर परिणाम तैयार करेगी. इस विभाजित प्रक्रिया से पारदर्शिता तो बढ़ेगी, लेकिन खर्च भी पहले से कहीं अधिक होगा.
आयोग पहले ही घोषणा कर चुका है कि यूपी-टीईटी परीक्षा 29 और 30 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी. आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और इसके मंज़ूरी मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय सामने आएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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