बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान आज मंगलवार को संपन्न हुआ है. जब से चुनाव की शुरुआत हुई थी तब से लेकर अब तक कई राजनीतिक पंडितों ने अपनी भविष्यवाणी की है. पर इस भविष्यवाणी को और भी पुख्ता करने के लिए एग्जिट पोल भी सामने आने लगे है. बिहार चुनाव में हमने काफी उथल-पुथल देखी है, पर एग्जिट पोल में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिल रहा है. बंपर वोटिंग से साफ है कि जनता ने किसी एक खेमे को सत्ता की बागडोर सौंपने का फैसला कर लिया है. लेकिन एग्जिट पोल में क्या कुछ है उसे पढ़िए.
6 एग्जिट पोल में NDA आगे
मेट्रिक्स आईएएनएस का एग्जिट पोल सबसे पहले सामने आया जिसमें NDA को 147-167 तथा महागठबंधन को 70-90 सीटें मिलने का अनुमान है. P-Mark एग्जिट पोल ने NDA को 142-162 सीटें दी है और महागठबंधन को 80-98 सीटें दी गई. नई पार्टी जनसुराज को 1-4 सीटों के बीच में रखा गया. पीपुल्स पल्स एग्जिट पोल में भी NDA की सरकार बनती हुई दिखाई दे रही है. उन्होंने NDA को 133-159 और महागठबंधन को 75-101 सीटें दी है और जनसुराज को 0-5 के बीच सीटें मिली है. पीपुल्स इनसाइट ने NDA को 133-148 सीटों के बीच दिया है और महागठबंधन को 87-102 के बीच में दिया है साथ ही जनसुराज को 0-2 के बीच है. चाणक्य ने NDA को बढ़त दिखाई है. जेवीसी के एग्जिट पोल में भी NDA की सरकार वापसी कर रही हैं.
बिहार एजिट पोल 2025
| सर्वे एजेंसी | एनडीए | महागठबंधन | JSP | अन्य |
|---|---|---|---|---|
| चाणक्य | 130–138 | 100–108 | 0 | 3–5 |
| पीपुल्स पल्स | 133–159 | 75–101 | 0-5 | 0 |
| पोलस्ट्रेट | 133–148 | 87–102 | 0 | 3–5 |
| पीपुल्स इनसाइट | 133–148 | 87–102 | 0–2 | 3–6 |
| मेट्रिक्स | 147–167 | 70–90 | 0-2 | 0 |
| जेवीसी | 135–150 | 88–103 | 0-1 | 3–6 |
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NDA की सरकार में वापसी?
बिहार एजिट पोल 2025 के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. लगभग सभी सर्वे एजेंसियों चाणक्य, पीपुल्स पल्स, पोलस्ट्रेट, पीपुल्स इनसाइट, मेट्रिक्स और जेवीसी के अनुसार एनडीए 130 से 167 सीटों तक पहुंच सकता है, जबकि महागठबंधन (RJD-कांग्रेस आदि) 70 से 108 सीटों के बीच सिमटता नजर आ रहा है. जेएसपी और अन्य दलों का प्रभाव सीमित दिखाई दे रहा है. यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जनता में एनडीए सरकार के प्रति अभी भी विश्वास कायम है और विपक्ष अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहा है.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह केवल एग्जिट पोल हैं, न कि अंतिम नतीजे. बिहार की राजनीति जातीय समीकरणों, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय नेतृत्व पर काफी निर्भर करती है. इसलिए इन आंकड़ों को जनमानस की एक झलक के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि अंतिम भविष्यवाणी के रूप में साथ ही बिहार की सत्ता पर कौन काबिज होगा ये 14 नवंबर को चुनाव के परिणाम आने के बाद पता चलेगा.
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