EVM Controversy West Bengal election 2026: पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान पूरा होने के बाद अब 4 मई को घोषित होने वाले परिणामों को लेकर राजनीतिक पार्टी में हलचल बढ़ती जा रही है. इसी बीच ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. तृणमूल कांग्रेस ने एक सीसीटीवी वीडियो जारी कर मतपेटियों में गड़बड़ी की आशंका जताई है.
TMC का विरोध प्रदर्शन
इस मुद्दे पर कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल भी पहुंचीं, जहां भवानीपुर और दक्षिण कोलकाता के विभिन्न बूथों की मतपेटियां रखी गई हैं. पार्टी का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति में स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं. साथ ही दुर्गापुर में भी तृणमूल समर्थक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर निगरानी करते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं.
❗️ALARMING❗️
This is the murder of democracy in broad daylight.
CCTV footage has exposed how @BJP4India, in active collusion with the @ECISVEEP, is opening ballot boxes without the presence of any relevant party stakeholders. This is gross electoral fraud being committed openly… pic.twitter.com/aSe36kGKPI
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 30, 2026
चुनाव आयोग ने दी सफाई
स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा है. आयोग के मुताबिक खुदीराम अनुशीलन केंद्र में मौजूद सभी सातों स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षित हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की मौजूदगी में ही उन्हें सील किया गया था. आखिरी कमरे को सुबह करीब 5:15 बजे बंद किया गया.
आयोग ने यह भी बताया कि जिस गतिविधि को लेकर सवाल उठे, वह दरअसल पास के एक अलग कक्ष में डाक मतपत्रों की छंटनी से जुड़ी थी, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया. इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी राजनीतिक दलों को दी जा चुकी थी. संदेह दूर करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेताओं शशि पांजा और कुणाल घोष को मौके पर बुलाकर पूरी व्यवस्था दिखाई गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
ममता बनर्जी का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) खुद स्थिति का जायजा लेने मैदान में उतर आई हैं. वह सीधे सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जहां भवानीपुर और दक्षिण कोलकाता के कई बूथों की ईवीएम और मतपेटियां रखी गई हैं. दूसरी तरफ मानिकतला इलाके में बीजेपी उम्मीदवार तापस रॉय की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली.
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी ने चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए हर संभव तरीका अपनाया, चाहे वह डराने की कोशिश हो, धन का इस्तेमाल हो या केंद्रीय बलों का दबाव. पार्टी का कहना है कि अब जब ये रणनीतियां काम नहीं आईं, तो ईवीएम को लेकर साजिश की जा रही है. टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी. इसी विरोध को आगे बढ़ाते हुए डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष जैसे वरिष्ठ नेता नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं.
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स्ट्रॉन्ग रूम जाएंगी ममता बनर्जी?
सूत्रों के मुताबिक, सीएम ममता बनर्जी दुर्गापुर स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण कर सकती हैं. माना जा रहा है कि वह ईवीएम की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर वहां पहुंचकर विरोध प्रदर्शन भी कर सकती हैं. यदि ऐसा होता है, तो 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले राज्य की राजनीति में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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