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केरल: वायनाड में Rahul Gandhi के रोड शो से क्यों गायब रहा सहयोगी मुस्लिम लीग का झंडा? समझें इसके सियासी मायने

केरल के वायनाड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नामांकन के दौरान हुए रोड शो में पार्टी की सहयोगी मुस्लिम लीग का झंडा गायब था. इसे लेकर भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टियों ने कांग्रेस पर हमला बोला है.

Muslim League flag missing from Rahul road show

वायनाड में हुए राहुल गांधी के रोड शो की तस्वीरें.

Muslim League flag missing from Rahul road show: कांग्रेस नेता लोकसभा चुनाव 2024 में केरल के वायनाड से एक बार फिर मैदान में हैं. 3 अप्रैल को उन्होंने रोड-शो किया और फिर प्रियंका गांधी के साथ नेताओं के साथ नामांकन किया.

रोड-शो में मुस्लिम लीग समेत यूडीएफ की सभी सहयोगी पार्टियां मौजूद थीं. जिस सड़क से रोड-शो गुजरा वहां मुस्लिम लीग का झंडा नहीं था, बल्कि राहुल गांधी और तिरंगे रंग वाले गुब्बारे के पोस्टर थे. इस बीच भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टियों ने मुस्लिम लीग के झंडे की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए है.

भाजपा ने निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम लीग के झंडे से राहुल को शर्म आती है. वहीं कम्युनिस्ट पार्टियों ने कहा कि भाजपा के डर से कांग्रेस ने मुस्लिम लीग का झंडा राहुल के रोड शो में नहीं लगाया. कुल मिलाकर सियासत जोरों पर है.

केरल में कांग्रेस यूडीएफ का हिस्सा रही है, जिसमें मुस्लिम लीग, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और केरल कांग्रेस (एम) शामिल है. 2019 का चुनाव भी कांग्रेस और सहयोगियों वाले गठबंधन ने जीता था. केरल की 20 में 19 सीटों यूडीएफ का कब्जा था.

2019 में भी नामांकन से पहले राहुल ने रोड-शो किया था जिसमें मुस्लिम लीग का झंडा लगाया गया था. इसके बाद तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मुस्लिम के चांद सितारे वाले झंडे को पाकिस्तानी झंडा करार दिया था. उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि इन झंडों के साथ कोई जुलूस निकालता है तो पता नहीं चलता कि रोड शो भारत में था या किसी और देश में था. ऐसे में राहुल के रोड शो से मुस्लिम लीग का झंडा गायब होने सियासी चर्चा का विषय बना हुआ है.

यह है वायनाड का गणित

बता दें कि केरल में मुख्य मुकाबला लेफ्ट पार्टियों के अगुवाई वाले एलडीएफ और कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ के बीच है. इस बीच पीएम मोदी की रैलियों और भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों के दौरों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.

2019 के चुनाव में राहुल गांधी ने वायनाड सीट से रिकाॅर्ड मतों से जीत दर्ज की थी. केरल में मुस्लिम और ईसाई वोटर निर्णायक भूमिका में हैं. वहीं वायनाड सीट पर 40 प्रतिशत हिंदू और 40 प्रतिशत मुस्लिम हैं. ईसाई वोटर भी 20 प्रतिशत है. भाजपा ईसाइयों पर डोरे डाल रही है. ऐसे में हिंदू और ईसाई वोटर एक साथ भाजपा को वोट करते हैं तो कांग्रेस की जमीन खिसक सकती है.

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स्मृति ने भी साधा निशाना

वायनाड से भाजपा उम्मीदवार के. सुरेंद्रन के नामांकन रैली में पहुंचीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी मुस्लिम लीग के झंडे वाले मुद्दे पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केरल में पीएफआई को समर्थन देती है मगर उत्तर भारत के मंदिरों में घूमने के लिए सनातन का झंडा थाम लेती है.

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