TMC Snakes and Ladders Election Pamphlet: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य में ‘रचनात्मक राजनीति’ का पारा चढ़ गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बार मतदाताओं को लुभाने के लिए पारंपरिक रैलियों से हटकर ‘सांप-सीढ़ी’ (Snakes and Ladders) का सहारा लिया है.
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें TMC के चुनावी पर्चे को एक गेम बोर्ड के रूप में दिखाया गया है. इस बोर्ड में ‘सीढ़ियां’ ममता सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि ‘सांप’ के मुखौटे के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है.
वायरल हो रहे चुनावी पंपलेट में क्या है खास?
दरअसल पार्टी ने अपने चुनावी पर्चों को एक इंटरएक्टिव सांप और सीढ़ी (Snakes and Ladders) गेम बोर्ड में बदल दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को ‘सांप’ के रूप में दिखाया गया है, जबकि ममता बनर्जी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ‘सीढ़ी’ बनाया गया है. यह अनोखा प्रचार सामग्री एक साधारण दिखने वाले पर्चे के रूप में शुरू होती है, जो खोलने पर पूरा गेम बोर्ड बन जाती है.
Okay this is actually funny 😭😆
In the Bengal elections, TMC is printing a snakes and ladders game inside their pamphlets.
And they’ve made Modi and Amit Shah the snakes.
Who even does this ? pic.twitter.com/hkaHNNPKW0
— Oppressor (@TyrantOppressor) April 8, 2026
यही नहीं इसमें रंग-बिरंगे टोकन, पासा और ममता बनर्जी की तस्वीरें भी शामिल हैं. वहीं सांप की जगह पर भाजपा नेताओं को रखकर पार्टी ने विपक्ष को ‘बाधा’ के रूप में चित्रित किया है, वहीं सीढ़ियाँ राज्य सरकार की लोकप्रिय योजनाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को दर्शाती हैं.
‘सांप’ वाली जहरीली राजनीति पकड़ती जोर
TMC की इस रणनीति ने जहां उनके समर्थकों को उत्साहित किया है, वहीं राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. गौर करने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री को ‘सांप’ कहने का यह सिलसिला नया नहीं है. हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक चुनावी रैली में बीजेपी और आरएसएस की तुलना ‘जहरीले सांप’ से करते हुए बेहद विवादित बयान दिया था.
खड़गे ने कुरान का हवाला देते हुए यहाँ तक कह दिया था कि अगर सामने जहरीला सांप आए तो नमाज छोड़कर भी उसे मारना चाहिए. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TMC का यह गेम बोर्ड शायद उसी ‘सांप’ वाले नैरेटिव को आगे बढ़ाने की एक कोशिश है, जिसे लेकर बीजेपी पहले ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है.
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सवालों के घेरे में आया TMC का ‘गेम प्लान’
इंटरनेट पर जहां कुछ लोग इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ कह रहे हैं, वहीं ट्रोलर्स ने TMC को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या बंगाल में अब मुद्दों की कमी हो गई है जो बच्चों के खेल को राजनीतिक रणभूमि बनाया जा रहा है?
वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को ‘सांप’ दिखाना रचनात्मकता नहीं बल्कि कूटनीतिक गिरावट है. बीजेपी समर्थकों का कहना है कि 2021 में ‘खेला होबे’ का शोर था, लेकिन 2026 में ‘सांप-सीढ़ी’ का यह खेल कहीं TMC के लिए ही भारी न पड़ जाए, क्योंकि जनता अब विकास की ‘सीढ़ी’ चाहती है, किसी को नीचा दिखाने वाला ‘खेल’ नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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