भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) को बिहार विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई. उन्होंने (Khesari Lal Yadav) इंस्टाग्राम पर लाइव आकर बताया कि चुनाव के बाद से उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार ने परेशान कर रखा है. खेसारी ने कहा कि वे चुनाव के बाद लोगों से बहुत कुछ कहना चाहते थे लेकिन बीमारी की वजह से ऐसा नहीं कर पाए.
छपरा के लोगों का आभार
खेसारी (Khesari Lal Yadav) ने अपने वीडियो में कहा कि उन्हें छपरा के लोगों से कोई शिकायत नहीं है. उन्होंने (Khesari Lal Yadav) बताया कि उन्हें करीब 80 हजार वोट मिले, जो विधानसभा चुनाव में बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि अगर यह लोकसभा चुनाव होता तो वोटों की संख्या चार लाख तक पहुंच सकती थी क्योंकि एक लोकसभा क्षेत्र में चार विधानसभा सीटें होती हैं.
राम मंदिर पर सफाई
खेसारी ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्हें राम विरोधी बताया गया, जबकि उनकी बात 2018 की थी. उन्होंने (Khesari Lal Yadav) सवाल उठाया कि अगर कोई एक पत्नी के साथ रहता है तो क्या वह राम भक्त नहीं है और जो कई शादियां करता है, वह भगवान राम का अनुयायी है? उन्होंने कहा कि मंदिर और सनातन अपनी जगह पर हैं लेकिन शिक्षा और रोजगार भी उतने ही जरूरी हैं.
भोजपुरी सितारों पर निशाना
लाइव के दौरान खेसारी ने भोजपुरी इंडस्ट्री के कई सुपरस्टार्स पर निशाना साधा. उन्होंने (Khesari Lal Yadav) दिनेश लाल यादव निरहुआ, पवन सिंह, रवि किशन और मनोज तिवारी पर कटाक्ष किया. खेसारी ने कहा कि वे सनातनी हैं या नहीं, यह लोग तय नहीं करेंगे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें रामायण की चार चौपाई तक याद नहीं, वे दूसरों को सनातन का पाठ पढ़ा रहे हैं.
पवन सिंह पर तीखा हमला
खेसारी (Khesari Lal Yadav) ने आगे कहा कि कभी-कभी पार्टी पर तरस आता है कि इतने ‘चरित्रहीन’ लोगों को बड़ा पद दे देती है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मंदिर का विरोध नहीं किया, बल्कि शिक्षा और रोजगार की अहमियत पर जोर दिया. पवन सिंह पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए खेसारी ने कहा कि कौन कितना चरित्रवान है, यह सबको पता है. उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्नी के साथ रहते हैं और दूसरों को भी सम्मान दिखाना चाहिए. दुनिया को बेवकूफ बनाना बंद कर दीजिए.
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शिक्षा और रोजगार पर जोर
खेसारी ने कहा कि असली मुद्दों पर बात होनी चाहिए. उन्होंने शिक्षा, रोजगार और बुजुर्गों की पेंशन का जिक्र करते हुए कहा कि सक्षम लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला देते हैं लेकिन गरीब परिवारों के बच्चों का क्या होगा? उन्होंने कहा कि राजनीति में इन मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है.
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