Kartik Aaryan Negative PR Controversy: सुशांत सिंह राजपूत की मौत को करीब साढ़े पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी उनके फैंस के दिलों में वो टीस बरकरार है. 14 जून 2020 की उस काली दोपहर ने न सिर्फ बॉलीवुड को हिला दिया था, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के उस चेहरे को भी बेनकाब किया था जिसे अक्सर चमक-धमक के पीछे छिपा लिया जाता है.
सुशांत की मौत सुसाइड थी या मर्डर, ये गुत्थी आज भी अनसुलझी है, लेकिन इस घटना ने ‘नेपोटिज्म’ और ‘आउटसाइडर बनाम इनसाइडर’ की एक ऐसी बहस छेड़ दी जो अब रुकने का नाम नहीं ले रही.
आज एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में है, और इस बार इसके केंद्र में हैं- कार्तिक आर्यन.
क्या कार्तिक आर्यन बन रहे हैं ‘गंदी राजनीति’ का शिकार?
हाल ही में कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा’ रिलीज हुई. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जो कि सिनेमा में एक आम बात है. लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही एक वायरल रील ने सनसनी मचा दी है. इस रील में दावा किया गया है कि कार्तिक आर्यन को फिल्म इंडस्ट्री में जानबूझकर ‘साइडलाइन’ करने और उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश रचने की कोशिश की जा रही है.
वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े यूट्यूबर्स और क्रिएटर्स को पैसे ऑफर किए जा रहे हैं ताकि वे कार्तिक आर्यन के खिलाफ नेगेटिव वीडियो बनाएं. रील में कहा गया, “किसी फिल्म की आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी एक्टर को लगातार ‘फेक पीआर प्रोडक्ट’ बताकर उसे नीचा दिखाना गलत है. यह आलोचना नहीं, बल्कि एक आउटसाइडर के लिए इंडस्ट्री के दरवाजे बंद करने की गंदी राजनीति है.”
सुनील शेट्टी के ‘लाइक’ ने बढ़ा दी हलचल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुनील शेट्टी ने इस वीडियो को लाइक किया. सुनील शेट्टी का इस रील का समर्थन करना यह इशारा करता है कि कहीं न कहीं इंडस्ट्री के भीतर के लोग भी इस कड़वी सच्चाई से वाकिफ हैं.
इन्फ्लुएंसर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि यह लड़ाई फिल्म के अच्छे या बुरे होने की नहीं है, बल्कि उस ‘क्रूरता’ की है जो किसी के करियर को खत्म करने के लिए अपनाई जा रही है. उन्होंने लिखा, “आप कहानी और गानों पर सवाल उठाएं, लेकिन जब बात पर्सनल अटैक और किसी बाहरी व्यक्ति के खिलाफ टारगेटेड नफरत पर आ जाए, तो समझ लीजिए कि कुछ बहुत गलत हो रहा है.”
सुशांत की यादें और बदलता बॉलीवुड
सोशल मीडिया पर लोग इस स्थिति की तुलना सुशांत सिंह राजपूत के दौर से कर रहे हैं. फैंस का कहना है कि सुशांत के साथ भी यही हुआ था उन्हें अकेला किया गया, उनके खिलाफ खबरें प्लांट की गईं और उन्हें इंडस्ट्री में एक बाहरी व्यक्ति की तरह महसूस कराया गया. आज वही पैटर्न कार्तिक आर्यन के खिलाफ भी दिखता नजर आ रहा है, जो बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपने दम पर ‘सुपरस्टार’ बने हैं.
बॉलीवुड में टैलेंट की कद्र होनी चाहिए या कैंपबाजी की? यह सवाल एक बार फिर देश के सामने खड़ा है. क्या वाकई किसी के करियर को खत्म करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं? अगर ये दावे सच हैं, तो यह भारतीय सिनेमा के भविष्य के लिए एक डरावना संकेत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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